राजकीय पॉलीटेक्निक श्रीनगर समेत उत्तराखंड के 71 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षक काली पट्टी बांधकर अपने विभागीय दायित्व निभा रहे हैं। यह विरोध शिक्षकों की लंबित मांगों और विभागीय नीतियों को लेकर शुरू किया गया है। आंदोलन का आह्वान उत्तराखंड पॉलीटेक्निक शिक्षक संघ ने किया है।
शिक्षक संघ ने विभाग को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संघ का कहना है कि इस अवधि में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो शिक्षक पूर्ण विभागीय कार्य बहिष्कार करेंगे। फिलहाल आंदोलन के पहले चरण में शिक्षक काम जारी रखते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं।
शिक्षकों की 3 प्रमुख मांगें
संघ अध्यक्ष प्रशांत डोभाल के अनुसार, शिक्षकों से जुड़ी 3 प्रमुख मांगें लंबे समय से लंबित हैं। पहली मांग नवीन वार्षिक गोपनीय आख्या (एसीआर) प्रारूप और पिछले 2 वर्षों की एसीआर दोबारा भरवाने के आदेश को निरस्त करने की है।
दूसरी मांग पात्र शिक्षकों को सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एमएसीपी) का लाभ समय पर देने की है। संघ ने एमएसीपी से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग भी उठाई है।
तीसरी मांग शिक्षकों से जुड़े सेवा नियमों और नीतिगत फैसलों की प्रक्रिया में संगठन के अधिकृत प्रतिनिधियों को शामिल करने की है। संघ के मुताबिक, शिक्षकों के हितों से जुड़े नीतिगत निर्णय लेने से पहले संगठन के प्रतिनिधियों से चर्चा नहीं की जा रही है।
2 दिन बाद आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
शिक्षक संघ ने कहा है कि शिक्षकों के हितों से जुड़े किसी भी नीतिगत निर्णय से पहले संगठन के प्रतिनिधियों को चर्चा में शामिल किया जाना चाहिए। संघ का मानना है कि इससे सेवा नियमों और नीतियों से जुड़े फैसलों में शिक्षकों का पक्ष सामने रखा जा सकेगा।
संघ ने स्पष्ट किया है कि काली पट्टी बांधकर काम करना आंदोलन का पहला चरण है। 2 दिन के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को अगले चरण में ले जाने की चेतावनी दी गई है। इसके तहत पूर्ण विभागीय कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
निष्कर्ष
उत्तराखंड के 71 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षक अभी विभागीय काम करते हुए विरोध जता रहे हैं। संघ ने एसीआर, एमएसीपी और नीतिगत फैसलों में प्रतिनिधित्व से जुड़ी मांगों पर 2 दिन में निर्णय नहीं होने पर पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह विरोध किन संस्थानों में हो रहा है?
राजकीय पॉलीटेक्निक श्रीनगर समेत प्रदेश के 71 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में शिक्षक विरोध कर रहे हैं।
Q. शिक्षक अभी किस तरह विरोध कर रहे हैं?
शिक्षक काली पट्टी बांधकर अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
Q. शिक्षक संघ ने विभाग को कितना समय दिया है?
संघ ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय के लिए विभाग को 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
Q. मांगें नहीं मानी गईं तो क्या होगा?
मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर शिक्षक पूर्ण विभागीय कार्य बहिष्कार करेंगे।
Q. शिक्षकों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
मांगों में नया एसीआर प्रारूप और पिछले 2 वर्षों की एसीआर दोबारा भरवाने का आदेश रद्द करना, पात्र शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ देना और नीतिगत फैसलों में संगठन के प्रतिनिधियों को शामिल करना शामिल है।









