पौड़ी जिले के हिंसरियाखाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस खड़ी होने के बावजूद ग्रामीणों को आपात स्थिति में निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। एंबुलेंस के लिए चालक उपलब्ध नहीं है और वाहन के जरूरी दस्तावेज भी वैध नहीं हैं।

ग्राम पंचायत उमरी के नरेश उमरियाल के अनुसार, बीते मंगलवार रात करीब एक बजे गांव के एक युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर हिंसरियाखाल पीएचसी पहुंचे, लेकिन वहां एंबुलेंस चलाने के लिए चालक नहीं मिला। वाहन के जरूरी दस्तावेज वैध न होने की बात भी सामने आई।

मरीज की हालत को देखते हुए परिजनों को निजी वाहन की मदद लेनी पड़ी। उन्होंने बीमार युवक को श्रीकोट अस्पताल पहुंचाने के लिए 2 हजार रुपये खर्च किए। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र पर एंबुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद उसका इस्तेमाल न हो पाना गंभीर परेशानी का कारण बन रहा है।

कोविड के दौरान मिली थी एंबुलेंस

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कीर्तिनगर के प्रभारी डॉ. आकाशदीप ने बताया कि कोविड के दौरान हिंसरियाखाल क्षेत्र के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई थी। उस समय चालक और तेल की व्यवस्था शासन स्तर से की जाती थी।

उन्होंने बताया कि स्थिति सामान्य होने के बाद चालक और तेल से जुड़ी वह व्यवस्था समाप्त हो गई। इसके बाद एंबुलेंस खड़ी है और उसका नियमित संचालन नहीं हो पा रहा है।

डॉ. आकाशदीप के मुताबिक, एंबुलेंस के खड़े रहने की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला प्रशासन को भेजी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि कीर्तिनगर ब्लॉक में 2 एंबुलेंस का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त करने की मांग की

हिंसरियाखाल क्षेत्र के ग्रामीणों ने एंबुलेंस सेवा शुरू कराने और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की मांग की है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में निजी वाहन की व्यवस्था करना हर परिवार के लिए आसान नहीं होता।

इस मामले में फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एंबुलेंस संचालन में चालक की कमी और जरूरी दस्तावेजों की स्थिति मुख्य बाधा है। इसकी जानकारी सीएमओ और जिला प्रशासन तक भेजी जा चुकी है।

निष्कर्ष

हिंसरियाखाल पीएचसी में एंबुलेंस मौजूद होने के बावजूद चालक और वैध दस्तावेजों की कमी से ग्रामीणों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी भेजी गई है, जबकि ग्रामीणों ने सेवा जल्द शुरू कराने की मांग की है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हिंसरियाखाल पीएचसी की एंबुलेंस क्यों नहीं चल रही है?

एंबुलेंस के लिए चालक उपलब्ध नहीं है और वाहन के जरूरी दस्तावेज वैध नहीं हैं।

Q. आपात स्थिति में ग्रामीण क्या कर रहे हैं?

ग्रामीण मरीजों को निजी वाहनों से अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर हैं।

Q. मरीज को निजी वाहन से कहां ले जाया गया?

बीमार युवक को निजी वाहन से श्रीकोट अस्पताल पहुंचाया गया।

Q. निजी वाहन से मरीज को ले जाने में कितना खर्च आया?

परिजनों को 2 हजार रुपये खर्च करने पड़े।

Q. एंबुलेंस कब उपलब्ध कराई गई थी?

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कीर्तिनगर के प्रभारी के अनुसार, यह एंबुलेंस कोविड के दौरान हिंसरियाखाल क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराई गई थी।

Q. एंबुलेंस की जानकारी किन अधिकारियों को दी गई है?

एंबुलेंस खड़ी होने की जानकारी सीएमओ और जिला प्रशासन को भेजी गई है।

Q. कीर्तिनगर ब्लॉक में कितनी एंबुलेंस चल रही हैं?

प्रभारी के अनुसार, कीर्तिनगर ब्लॉक में 2 एंबुलेंस का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है।