देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर रनवे विस्तार और नई हवाई कनेक्टिविटी को लेकर अहम चर्चा हुई। सोमवार को हुई हवाई अड्डा सलाहकार समिति (AAC) की वार्षिक बैठक में संचालन, सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और यात्रियों से जुड़ी सुविधाओं की समीक्षा की गई।

रनवे विस्तार से संचालन की चुनौती कम करने पर जोर

बैठक में बताया गया कि मौजूदा रनवे व्यवस्था के कारण विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ एक ही दिशा से होता है। खराब मौसम में यह स्थिति उड़ानों के संचालन को प्रभावित करती है और विमानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट करना पड़ सकता है। पायलटों को भी ऐसे मौसम में संचालन संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

समिति के अध्यक्ष और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की सलाह दी। रनवे विस्तार को इन परिचालन और सुरक्षा चुनौतियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

एयर ट्रैफिक बढ़ा, लेकिन राष्ट्रीय औसत से पीछे

समिति को दी गई जानकारी के अनुसार, जौलीग्रांट एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक में फिलहाल करीब 7 से 8% की बढ़ोतरी हो रही है। इसके मुकाबले देश में घरेलू एयर ट्रैफिक की औसत वृद्धि करीब 10 से 12% है।

बैठक में चेन्नई, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की जरूरत बताई गई। एयरलाइंस को नई सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से Viability Gap Funding (VGF) जैसी व्यवस्था की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और नए प्रशासनिक भवन की योजना

देहरादून से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने की संभावना पर भी विचार हुआ। एयरपोर्ट निदेशक ने बताया कि इससे जुड़े विषय नागर विमानन मंत्रालय के सामने रखने होंगे।

बैठक में सीधे अंतरराष्ट्रीय संचालन के अलावा कस्टम्स और इमिग्रेशन सुविधाओं वाले हब-एंड-स्पोक मॉडल की व्यवहार्यता जांचने का सुझाव दिया गया। नए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर के निर्माण और AAI, BCAS तथा DGCA के कार्यालयों के लिए एकीकृत प्रशासनिक भवन की योजना की जानकारी भी दी गई।

कार्गो, पुलिस और बस सेवा पर भी चर्चा

एयरपोर्ट की उपलब्ध जमीन पर अंतरिम और स्थायी कार्गो सुविधा विकसित करने के प्रस्ताव पर भी बातचीत हुई। इससे एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को बढ़ावा देने की उम्मीद जताई गई।

यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए स्थायी पुलिस स्टेशन और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के लिए अलग जनशक्ति की जरूरत बताई गई। एयरपोर्ट तक आने वाली सड़क पर पर्याप्त साइनेज, मोबाइल कनेक्टिविटी और यात्रियों के लिए नियमित बस सेवा बेहतर करने पर भी चर्चा हुई।

खाने-पीने की सुविधाओं के लिए नए F&B मास्टर कंसेशनेयर कॉन्ट्रैक्ट को जल्द दिए जाने की संभावना भी बैठक में बताई गई।

निष्कर्ष

बैठक में जौलीग्रांट एयरपोर्ट की क्षमता और कनेक्टिविटी बढ़ाने से जुड़े कई प्रस्ताव सामने आए। रनवे विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण, नई घरेलू उड़ानों के लिए एयरलाइंस को प्रोत्साहन और अंतरराष्ट्रीय संचालन से जुड़े विषयों पर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर किस बड़े काम पर चर्चा हुई?

रनवे विस्तार पर चर्चा हुई। इसका संबंध खराब मौसम में उड़ानों के संचालन और डायवर्जन की चुनौती से है।

Q. किन शहरों के लिए नई उड़ानों की जरूरत बताई गई?

चेन्नई, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी के लिए उड़ानें शुरू करने की जरूरत बताई गई।

Q. एयर ट्रैफिक की मौजूदा वृद्धि कितनी है?

एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक में फिलहाल करीब 7 से 8% की वृद्धि हो रही है। राष्ट्रीय घरेलू औसत करीब 10 से 12% बताया गया।

Q. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर क्या स्थिति है?

अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने की संभावना पर चर्चा हुई है। इससे जुड़े विषय नागर विमानन मंत्रालय के सामने रखने होंगे।

Q. अंतरराष्ट्रीय संचालन के लिए और क्या सुझाव दिया गया?

कस्टम्स और इमिग्रेशन सुविधाओं वाले हब-एंड-स्पोक मॉडल की व्यवहार्यता तलाशने का सुझाव दिया गया।

Q. कार्गो सुविधा को लेकर क्या प्रस्ताव है?

एयरपोर्ट की उपलब्ध जमीन पर अंतरिम और स्थायी कार्गो सुविधा विकसित करने पर विचार हुआ।

Q. यात्रियों के लिए किन सुविधाओं में सुधार की बात हुई?

नियमित बस सेवा, मोबाइल कनेक्टिविटी, एयरपोर्ट अप्रोच रोड पर साइनेज और खाने-पीने की सुविधाओं में सुधार पर चर्चा हुई।

Q. एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव सुझाया गया?

स्थायी पुलिस स्टेशन और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के लिए अलग जनशक्ति उपलब्ध कराने की जरूरत बताई गई।