कोटद्वार पुलिस ने अलग-अलग मामलों में गैर-जमानती वारंट पर बलवंत और सुखदेव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

यह कार्रवाई पौड़ी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देशों के तहत की गई। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अपराध रोकने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अदालतों से मिले गैर-जमानती वारंटों पर कार्रवाई करने को कहा था।

दोनों मामलों की जानकारी

पुलिस के अनुसार, बलवंत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 223, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज है। वह आमसौड़, कोटद्वार, जिला पौड़ी गढ़वाल का निवासी है। उसके खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था।

दूसरे मामले में सुखदेव को चेक बाउंस से जुड़े प्रकरण में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह मामला परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत है। सुखदेव खंतवाल पुत्र ओमप्रकाश कोटद्वार, जिला पौड़ी गढ़वाल का निवासी है।

गैर-जमानती वारंट पर गिरफ्तारी का मतलब यह है कि अदालत के आदेश के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है। इससे किसी मामले में दोष सिद्ध होना साबित नहीं होता। आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में होगी।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम

पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मेहराजुद्दीन, उपनिरीक्षक किशनदत्त शर्मा, हेड कांस्टेबल बबलू गोश्वमी, हेड कांस्टेबल देवेंदर, कांस्टेबल संजीव और कांस्टेबल दुष्यंत शामिल रहे।

पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों को अदालत में पेश किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसके बाद की प्रक्रिया अदालत के आदेश के तहत आगे बढ़ेगी।

निष्कर्ष

कोटद्वार पुलिस ने अलग-अलग मामलों में अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर बलवंत और सुखदेव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जरूरी कार्रवाई के बाद दोनों को कोर्ट में पेश करने की बात कही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. कोटद्वार पुलिस ने किन लोगों को गिरफ्तार किया?

बलवंत और सुखदेव को अलग-अलग मामलों में गैर-जमानती वारंट पर गिरफ्तार किया गया है।

Q. बलवंत के खिलाफ कौन-सी धाराओं में मामला है?

पुलिस के अनुसार, बलवंत के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 223, 504 और 506 के तहत मामला है।

Q. सुखदेव किस मामले में वारंटी था?

सुखदेव चेक बाउंस के मामले में परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत वारंटी था।

Q. दोनों को कहां पेश किया जा रहा है?

जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

Q. गिरफ्तारी की कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई?

यह कार्रवाई पौड़ी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देशों के तहत की गई।