हल्द्वानी के टांडा जंगल मार्ग पर सोमवार रात हुए हादसे ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए। एस मोड़ पर 2 बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में वीडीओ सौरभ बिष्ट और राजू गुप्ता की मौत हो गई। हादसे में 4 लोग घायल हुए, जिन्हें राहगीर की सूचना के बाद पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया।

यह मार्ग कई जगह अंधेरे में रहता है। हाईवे होने के कारण वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं और एस मोड़ पर सामने से आने वाले वाहन का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। सड़क किनारे पर्याप्त रोशनी नहीं है। खतरनाक मोड़ पर रफ्तार कम कराने के इंतजाम भी नजर नहीं आते।

जनवरी 2026 से अब तक टांडा जंगल मार्ग पर 5 ऐसे हादसे सामने आए हैं, जिनमें 10 लोगों की मौत हुई। इन घटनाओं में आमने-सामने वाहनों की टक्कर और वन्यजीवों से टकराने के मामले शामिल हैं। सोमवार रात की घटना इसी सिलसिले की नई कड़ी बन गई।

अंधेरा, तेज रफ्तार और वन्यजीवों का खतरा

टांडा जंगल रोड से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। मार्ग के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। रात में एस मोड़ पर दृश्यता कम होने से सामने से आ रहे वाहन को समय पर देखना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही भी वाहन चालकों के लिए खतरा बनी हुई है।

लगातार हादसों के बावजूद सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि अंधेरे हिस्सों में रोशनी, दुर्घटना संभावित मोड़ पर रफ्तार नियंत्रण और वन्यजीवों से बचाव के लिए स्थायी कदम कब उठाए जाएंगे।

नेटवर्क नहीं होने से राहत में देरी का खतरा

जंगल के बीच से गुजरने वाले इस मार्ग पर कई जगह मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलता। हादसे के बाद पुलिस या एंबुलेंस को सूचना देने में मुश्किल होती है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती एक घंटा यानी गोल्डन आवर बेहद अहम माना जाता है, लेकिन नेटवर्क की कमी के कारण सूचना पहुंचने में समय लग सकता है।

सोमवार रात भी पुलिस को हादसे की जानकारी राहगीर से मिली। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और 4 घायलों को अस्पताल भेजा गया। ऐसे मार्ग पर आपातकालीन सूचना और मदद की व्यवस्था को लेकर सवाल बने हुए हैं।

2 परिवारों की खुशियां मातम में बदलीं

राजू गुप्ता की भांजी भावना की शादी 15 नवंबर को होनी थी। परिवार में तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हादसे के बाद घर का माहौल मातम में बदल गया। अस्पताल में परिजनों के पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई।

सौरभ बिष्ट करीब एक साल पहले ग्राम विकास अधिकारी बने थे। वह अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके शव से लिपटकर परिजन रोते रहे। हादसे ने दोनों परिवारों को गहरा सदमा दिया।

जिले में सड़क हादसों के आंकड़े भी बढ़े

जिले में वर्ष 2025 के मुकाबले वर्ष 2026 में सड़क हादसे 10 फीसदी तक बढ़े हैं। सितंबर में सामने आई केंद्रीय सड़क सुरक्षा समिति की रिपोर्ट के अनुसार, पूरे राज्य में ओवर स्पीडिंग से जुड़े हादसों में 28.1 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई। संबंधित विभागों के अनुसार राज्य में 419 हॉट-स्पॉट भी चिह्नित किए गए थे।

वर्ष 2025 में 1289 हादसे दर्ज हुए थे। अगस्त 2026 तक यह संख्या 1480 पहुंच गई। 15 सितंबर से 2 नवंबर के बीच करीब डेढ़ महीने में 8 बड़े सड़क हादसों में 13 लोगों की मौत हुई।

इन घटनाओं में 23 अक्तूबर का तीनपानी फ्लाईओवर हादसा भी शामिल है, जिसमें तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई और 3 किशोरों की मौत हुई। 24 सितंबर को कठघरिया में बाइक की टक्कर से 13 वर्षीय कपिल मौर्य की मौत हुई।

एक अक्तूबर को हल्दूचौड़ में डंपर की टक्कर में 14 वर्षीय प्रेरणा की जान गई। 3 अक्तूबर को बेरीपड़ाव में सड़क पार कर रहे 55 वर्षीय किशन चौधरी को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। 4 अक्तूबर को लालकुआं क्षेत्र में स्कूटी सवार आनंद सिंह पवार की सड़क हादसे में मौत हुई। सुभाषनगर में कैंटर और स्कूटी की भिड़ंत में 2 युवकों की जान चली गई।

निष्कर्ष

टांडा जंगल मार्ग पर जनवरी 2026 से 5 हादसों में 10 मौतें हो चुकी हैं। अंधेरे, एस मोड़, तेज रफ्तार, वन्यजीवों और मोबाइल नेटवर्क की समस्या के बीच सड़क सुरक्षा के स्थायी इंतजाम अब भी सवालों में हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. टांडा जंगल मार्ग पर सोमवार रात क्या हुआ?

सोमवार रात एस मोड़ पर 2 बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत हुई। हादसे में वीडीओ सौरभ बिष्ट और राजू गुप्ता की मौत हुई, जबकि 4 लोग घायल हुए।

Q. जनवरी 2026 से अब तक इस मार्ग पर कितने लोगों की मौत हुई?

जनवरी 2026 से अब तक टांडा जंगल मार्ग पर 5 हादसों में 10 लोगों की मौत हुई है।

Q. इस सड़क पर हादसों का खतरा किन वजहों से बढ़ता है?

मार्ग के कई हिस्सों में अंधेरा है और एस मोड़ पर दृश्यता कम रहती है। तेज रफ्तार, वन्यजीवों की आवाजाही और मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी चुनौती है।

Q. हादसे के बाद घायलों को अस्पताल कैसे पहुंचाया गया?

राहगीर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और 4 घायलों को अस्पताल भेजा।

Q. वर्ष 2026 में जिले में सड़क हादसों की क्या स्थिति रही?

वर्ष 2025 के मुकाबले वर्ष 2026 में सड़क हादसे 10 फीसदी तक बढ़े। अगस्त 2026 तक 1480 हादसे दर्ज हुए, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 1289 थी।

Q. राज्य में कितने सड़क दुर्घटना हॉट-स्पॉट चिह्नित किए गए थे?

संबंधित विभागों के अनुसार राज्य में 419 हॉट-स्पॉट चिह्नित किए गए थे।