हल्द्वानी। दीपावली और त्योहारी सीजन में दिल्ली जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिवहन निगम बसों के फेरे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। कुमाऊं से चलने वाली करीब 100 बसें एक दिन में 2-2 फेरे लगाएंगी। इससे दिल्ली रूट पर बढ़ने वाली भीड़ को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली जाने वाली बीएस-4 वर्जन की बसों पर प्रतिबंध के बाद हल्द्वानी, काठगोदाम, रुद्रपुर और काशीपुर डिपो की 18 बसें इस मार्ग से हटा दी गई हैं। अनुमान के अनुसार, इन बसों में रोजाना करीब 720 यात्री सफर करते थे। बसें हटने से निगम को हर दिन करीब ₹3.24 लाख का नुकसान हो रहा है।
इन बसों के बदले तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से त्योहारी सीजन में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। निगम के आंकड़ों के मुताबिक, ऑफ सीजन में हल्द्वानी बसअड्डे से दिल्ली के लिए रोजाना औसतन 700 से 1,000 यात्री सफर करते हैं। सहालग और त्योहार के दौरान यह संख्या बढ़कर डेढ़ से 2 हजार यात्री प्रतिदिन हो जाती है।
4 डिपो में बसों की स्थिति
राजधानी दिल्ली तक बसें चलाने वाले कुमाऊं के 4 बड़े डिपो के संबंध में उपलब्ध विवरण में 61 बसों के संचालित होने और 20 से अधिक बसों के रूट से हटाए जाने की जानकारी दी गई है। डिपोवार स्थिति इस तरह है:
- काठगोदाम: 6 बीएस-4 बसें हटाई गईं, 15 बसें संचालित
- हल्द्वानी: 3 बीएस-4 बसें हटाई गईं, 23 बसें संचालित
- काशीपुर: 5 बीएस-4 बसें हटाई गईं, 11 बसें संचालित
- रुद्रपुर: 5 बीएस-4 बसें हटाई गईं, 12 बसें संचालित
परिवहन निगम के अनुसार, पिछले साल की तुलना में दिल्ली मार्ग की बस सेवाओं पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। हालांकि, बीएस-4 बसों के हटने से त्योहार के दौरान यात्रियों को परेशानी होने की संभावना है।
अनुबंधित सीएनजी बसों से राहत की तैयारी
निगम के महाप्रबंधक संचालन मुख्यालय क्रांति सिंह ने बताया कि दिल्ली मार्ग पर अनुबंधित सीएनजी बसें चलाई जा रही हैं। त्योहारी सीजन में इन्हीं बसों के जरिए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की योजना है। निगम के बेड़े में जल्द 59 नई बसें शामिल करने की भी तैयारी है।
इस बीच हल्द्वानी डिपो की वॉल्वो बस रविवार रात दिल्ली से लौटते समय हापुड़ के पास खराब हो गई। बस में सवार 25 यात्रियों को परेशानी हुई और उन्हें दूसरे इंतजाम से आगे भेजा गया।
एआरएम संजय पांडे ने बताया कि बस में 5 यात्रियों ने टिकट बुक कराए थे। उन्हें बस सेवा रद्द होने की सूचना समय से पहले दे दी गई थी और टिकट की रकम वापस की जाएगी।
निष्कर्ष
दीपावली पर दिल्ली रूट पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के बीच निगम बसों के अतिरिक्त फेरे और अनुबंधित सीएनजी सेवाओं पर निर्भर रहेगा। बीएस-4 बसों के हटने से उपलब्धता पर दबाव है, जबकि 59 नई बसें जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. दीपावली पर कुमाऊं से दिल्ली के लिए क्या व्यवस्था की जा रही है?
कुमाऊं से चलने वाली करीब 100 बसों के एक दिन में 2-2 फेरे लगाने की योजना है।
Q. दिल्ली रूट से कितनी बीएस-4 बसें हटाई गई हैं?
हल्द्वानी, काठगोदाम, रुद्रपुर और काशीपुर डिपो की 18 बसें मार्ग से हटाई गई हैं।
Q. बसें हटने से निगम को कितना नुकसान हो रहा है?
बसों के रूट से हटने के बाद रोजाना करीब ₹3.24 लाख का नुकसान होने का अनुमान है।
Q. त्योहार के दौरान दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या कितनी रहती है?
सहालग और त्योहार के दौरान हल्द्वानी से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या रोजाना डेढ़ से 2 हजार तक पहुंच जाती है।
Q. यात्रियों के लिए वैकल्पिक बसों की क्या व्यवस्था है?
दिल्ली मार्ग पर अनुबंधित सीएनजी बसें चलाई जा रही हैं।
Q. निगम के बेड़े में नई बसें कब और कितनी बढ़ेंगी?
निगम के बेड़े में जल्द 59 नई बसें शामिल करने की तैयारी है।
Q. खराब वॉल्वो बस में कितने यात्री सवार थे?
हापुड़ के पास खराब हुई हल्द्वानी डिपो की वॉल्वो बस में 25 यात्री सवार थे।
Q. वॉल्वो बस के टिकट का क्या होगा?
एआरएम के अनुसार, 5 यात्रियों के टिकट की रकम वापस की जाएगी।











