रुद्रपुर में दीपावली से पहले खाद्य विभाग की मोबाइल फूड लैब ने मिठाई प्रतिष्ठानों और सब्जी मंडी में जांच अभियान चलाया। टीम ने कुल 84 नमूने लिए। इनमें मिठाइयों के 45 और मसालों के 39 नमूने शामिल थे। मौके पर हुई जांच में मसालों के 14 नमूने अधोमानक पाए गए।
जांच के दौरान मंगलम, बीकानेर, नवरंग, रूपम समेत अन्य मिठाई प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए। विभाग के अनुसार, मिठाइयों के सभी 45 नमूने तय मानकों के अनुरूप मिले। इसके बाद टीम ने सब्जी मंडी में हल्दी, मिर्च और धनिया पाउडर के नमूनों की जांच की।
मसालों के 14 नमूनों में रंग और मिलावट की मात्रा तय सीमा से अधिक मिली। खाद्य विभाग ने इन सभी नमूनों को सील कर आगे की जांच के लिए लैब भेज दिया है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खुले मसालों की बिक्री पर भी सवाल
विभाग की कार्रवाई मेट्रोपॉलिस और आवास विकास के आसपास के इलाकों में भी हुई। सब्जी मंडी और मीट मार्केट के पास कई दुकानों पर हल्दी, मिर्च और धनिया पाउडर खुले में बिकते मिले। इन मसालों को बोरियों में रखा गया था। कई पैकेटों पर ब्रांड और एक्सपायरी डेट नहीं थी।
कुछ जगहों पर मसाले सब्जियों और मीट के पास रखे मिले। इससे उनमें धूल और गंदगी मिलाने की आशंका बनी रहती है। विभाग की जांच में अधोमानक मिले ज्यादातर नमूने ऐसी ही दुकानों से लिए गए थे।
खाद्य विभाग के संयुक्त निदेशक ललित मोहन पांडेय, फूड इंस्पेक्टर आशा आर्या और अन्य अधिकारी अभियान में शामिल रहे। संयुक्त निदेशक पांडेय ने कहा कि त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों की जांच लगातार जारी है।
उन्होंने लोगों से खुले और बिना ब्रांड वाले मसाले खरीदने से बचने की अपील की। उपभोक्ताओं को सामान खरीदते समय बिल लेने की सलाह भी दी गई है, ताकि किसी शिकायत की स्थिति में खरीद की जानकारी उपलब्ध रहे।
मिलावटी मसालों से सेहत पर असर
सीएमओ डॉ. एसके गोस्वामी ने मिलावटी मसालों को स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक बताया। उनके अनुसार, मिलावटी रंग और केमिकल पेट में जलन और फूड प्वाइजनिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इससे लिवर और किडनी पर भी असर पड़ने का खतरा रहता है।
डॉ. गोस्वामी ने बताया कि हल्दी में मेटानिल येलो और मिर्च में सूडान कलर मिलाया जा सकता है। उनके अनुसार, ऐसे पदार्थ कैंसर का कारण बन सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को मिलावटी मसालों से ज्यादा नुकसान होने की आशंका रहती है।
उन्होंने लोगों से ब्रांडेड और एगमार्क वाले मसाले खरीदने की अपील की। मिलावट की शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग या सीएमओ कार्यालय में दर्ज कराई जा सकती है।
आगे क्या होगा
सील किए गए 14 अधोमानक नमूनों की लैब रिपोर्ट आने के बाद विभाग संबंधित दुकानदारों पर कार्रवाई करेगा। फिलहाल मौके की जांच में मिले परिणामों के आधार पर खुले और बिना पैकिंग वाले मसालों की बिक्री पर विभाग की निगरानी बढ़ गई है।
निष्कर्ष
रुद्रपुर में जांचे गए 39 मसाला नमूनों में 14 अधोमानक मिले, जबकि मिठाइयों के सभी 45 नमूने मानकों के अनुरूप पाए गए। मसालों के सील नमूनों की लैब रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. रुद्रपुर में खाद्य विभाग ने कुल कितने नमूने लिए?
कुल 84 नमूने लिए गए। इनमें मिठाइयों के 45 और मसालों के 39 नमूने थे।
Q. मसालों के कितने नमूने अधोमानक मिले?
हल्दी, मिर्च और धनिया पाउडर के 14 नमूने अधोमानक पाए गए।
Q. मिठाइयों की जांच में क्या सामने आया?
मिठाइयों के सभी 45 नमूने तय मानकों के अनुरूप मिले।
Q. अधोमानक नमूनों के साथ विभाग ने क्या किया?
सभी अधोमानक नमूनों को सील कर आगे की जांच के लिए लैब भेजा गया है।
Q. दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी?
लैब रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Q. लोगों को मसाले खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
खुले और बिना ब्रांड वाले मसाले खरीदने से बचना चाहिए। ब्रांडेड और एगमार्क वाले मसाले लेकर बिल जरूर लेना चाहिए।
Q. मिलावट की शिकायत कहां की जा सकती है?
मिलावट की शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग या सीएमओ कार्यालय में दर्ज कराई जा सकती है।








