हल्द्वानी में घनी आबादी के बीच चल रहे गोदाम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान आग के बड़े खतरे की वजह बन रहे हैं। जनवरी से अब तक करीब 11 अग्निकांड सामने आए हैं। कई घटनाओं में आग दुकानों से निकलकर आसपास के प्रतिष्ठानों और मकानों तक पहुंचने की स्थिति बनी।
कहीं दमकल टीमों को संकरी गलियों में पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ी तो कहीं सुरक्षा इंतजामों की कमी ने लोगों की जान जोखिम में डाल दी। इस स्थिति ने आबादी वाले इलाकों में संचालित गोदामों और दुकानों की नियमित अग्नि सुरक्षा जांच पर सवाल खड़े किए हैं।
अमेजन गोदाम की आग में 2 कर्मचारियों की मौत
रामपुर रोड स्थित एक ई-कॉमर्स वेबसाइट के गोदाम में 5 जून को भीषण आग लगी थी। इस हादसे में 2 कर्मचारियों की मौत हो गई। जांच में सामने आया कि गोदाम का पंजीकरण नहीं था, फायर एनओसी नहीं ली गई थी और आपातकालीन निकास की व्यवस्था भी नहीं थी।
प्रशासन की जांच में एनएच मार्ट, रुकैया ट्रेडिंग कंपनी और रुद्रा ट्रेडर्स में भी फायर एनओसी नहीं मिली थी। अमेजन अग्निकांड के बाद तीनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू की गई थी।
स्कूल, दुकान और मकानों तक पहुंचा आग का खतरा
हीरानगर स्थित केवीएम स्कूल में 23 जून को लगी आग में 2 बसें, जनरेटर और भवन का एक हिस्सा जल गया था। बनभूलपुरा में रुई की दुकान और ईरा बाजार में जूते की दुकान में लगी आग भी आसपास के प्रतिष्ठानों और मकानों के लिए खतरा बनी।
शहर में सामने आए अन्य मामलों में 04 जनवरी को टीपी नगर की बैटरी दुकान, 09 जनवरी को केमू स्टेशन के पीछे सरकारी आवास, 23 जनवरी को बनभूलपुरा की लाइन नंबर एक में रुई की दुकान और गोदाम शामिल हैं। 02 जून को तिकोनिया में शराब की दुकान और गोदाम, 21 अगस्त को मोबाइल की दुकान, 24 सितंबर को भोलानाथ गार्डन में कपड़ों का गोदाम और 13 अक्तूबर को छड़ायल मोड़ के 2 मंजिला मकान में भी आग लगी।
इन घटनाओं के बीच घनी आबादी में चल रहे गोदामों और प्रतिष्ठानों की नियमित जांच अब भी बड़ा सवाल बनी हुई है। आग लगने पर संकरी गलियों और आसपास बने मकानों के कारण दमकल कार्रवाई मुश्किल हो सकती है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने क्या कहा
मुख्य अग्निशमन अधिकारी, नैनीताल गौरव किरार ने कहा कि अब तक सामने आए अधिकतर हादसों में दमकल टीमों ने सक्रियता दिखाकर जनहानि रोकी है। उनके अनुसार, जांच में लापरवाही मिलने पर रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेजी गई है और समय-समय पर चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है।
निष्कर्ष
हल्द्वानी में जनवरी से अब तक करीब 11 अग्निकांड सामने आए हैं। रामपुर रोड के गोदाम हादसे में 2 कर्मचारियों की मौत और कई प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी नहीं मिलने से आबादी वाले क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा जांच की जरूरत सामने आई है। प्रशासन की ओर से चेकिंग और लापरवाही पर कार्रवाई की बात कही गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हल्द्वानी में जनवरी से अब तक कितने अग्निकांड सामने आए हैं?
करीब 11 अग्निकांड सामने आए हैं।
Q. रामपुर रोड के गोदाम में आग कब लगी थी?
रामपुर रोड स्थित गोदाम में 5 जून को आग लगी थी।
Q. रामपुर रोड के गोदाम हादसे में कितने कर्मचारियों की मौत हुई?
इस हादसे में 2 कर्मचारियों की मौत हुई थी।
Q. जांच में गोदाम में कौन-सी कमियां मिलीं?
गोदाम का पंजीकरण नहीं था, फायर एनओसी नहीं ली गई थी और आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं थी।
Q. किन प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी नहीं मिली थी?
एनएच मार्ट, रुकैया ट्रेडिंग कंपनी और रुद्रा ट्रेडर्स में फायर एनओसी नहीं मिली थी।
Q. इन प्रतिष्ठानों के खिलाफ क्या कार्रवाई शुरू हुई थी?
तीनों प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू हुई थी।
Q. मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने क्या कहा?
गौरव किरार के अनुसार, दमकल टीमों ने अधिकतर हादसों में सक्रियता दिखाकर जनहानि रोकी। उन्होंने चेकिंग अभियान चलने की भी जानकारी दी।












