हल्द्वानी में मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच सर्दी, जुकाम और खांसी जैसे वायरल संक्रमण के मामले बढ़े हैं। बेस अस्पताल की ओपीडी में इन लक्षणों वाले 50 से 60 मरीज रोज पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक बताई गई है।

बेस अस्पताल में प्रतिदिन करीब 200 मरीजों की ओपीडी हो रही है। सांस संबंधी दिक्कत वाले 4 से 5 मरीज भी रोज जांच और इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल की वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विनीता निखुर्पा के अनुसार, ठंड और गर्मी के बीच लगातार बदलाव वायरल संक्रमण बढ़ने का प्रमुख कारण बन रहा है।

बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सावधानी

डॉक्टर ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। सांस लेने में परेशानी, तेज बुखार या लगातार खांसी होने पर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराने को कहा गया है।

इन दिनों मीजल्स (खसरा) के मरीज भी बेस अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इनके मरीजों की संख्या नहीं बताई गई है।

डेंगू के 4 मरीज भर्ती

अस्पताल के अनुसार, डेंगू की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। रोज 2 से 3 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। रविवार को बेस अस्पताल के डेंगू वार्ड में 4 मरीज भर्ती थे और उनका इलाज जारी था।

एंटीबायोटिक लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी

डॉक्टरों ने ठंडी चीजों से बचने और सुबह-शाम ठंड में निकलते समय सावधानी बरतने को कहा है। पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीने और नियमित रूप से हाथ साफ रखने की सलाह भी दी गई है।

बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं नहीं लेनी चाहिए। डॉक्टरों ने बदलते मौसम में बीमारी के लक्षण दिखने पर खुद से इलाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया है।

निष्कर्ष

मौसम में बदलाव के बीच हल्द्वानी के बेस अस्पताल में वायरल संक्रमण के लक्षणों वाले मरीज बढ़े हैं। बच्चों और सांस संबंधी बीमारी वाले लोगों को सावधानी रखने की जरूरत है। तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर जांच कराना जरूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हल्द्वानी के बेस अस्पताल में वायरल संक्रमण के कितने मरीज पहुंच रहे हैं?

रोज 50 से 60 मरीज सर्दी, जुकाम और खांसी जैसे लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है।

Q. अस्पताल की ओपीडी में रोज कितने मरीज आ रहे हैं?

बेस अस्पताल में प्रतिदिन करीब 200 मरीजों की ओपीडी हो रही है।

Q. सांस संबंधी परेशानी वाले कितने मरीज रोज पहुंच रहे हैं?

सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे 4 से 5 मरीज रोज जांच और उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

Q. किन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है?

बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों को खास सावधानी बरतने को कहा गया है।

Q. डेंगू की स्थिति कैसी है?

अस्पताल के अनुसार, डेंगू की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। रविवार को डेंगू वार्ड में 4 मरीज भर्ती थे।

Q. डॉक्टरों ने क्या सावधानी बरतने को कहा है?

ठंडी चीजों से बचने, गुनगुना पानी पीने, हाथ साफ रखने और ठंड में निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

Q. क्या बिना सलाह एंटीबायोटिक लेनी चाहिए?

नहीं। डॉक्टरों ने बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक या दूसरी दवाएं लेने से मना किया है।