दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हल्द्वानी और नैनीताल में निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश के बाद दोनों शहरों में वायु गुणवत्ता की सैंपलिंग के लिए विशेष मशीनें लगाई गई हैं।

यह निगरानी दीपावली से एक सप्ताह पहले शुरू हुई है और पर्व के एक सप्ताह बाद तक जारी रहेगी। हल्द्वानी में 2 स्थानों और नैनीताल में एक स्थान पर मशीनें स्थापित की गई हैं। इन केंद्रों से जुटाए गए आंकड़ों की विस्तृत रिपोर्ट बोर्ड मुख्यालय को भेजी जाएगी।

क्षेत्रीय प्रबंधक अनुराग नेगी के मुताबिक, दीपावली के आसपास हर साल एयर क्वालिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी देखी जाती है। इसी वजह से इस बार प्रदूषण के स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पिछले वर्षों में हल्द्वानी का AQI

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दीपावली के दिन हल्द्वानी का AQI 2023 में 223 रहा था। यह खराब श्रेणी में आता है। 2024 में AQI 192 और 2025 में 194 दर्ज किया गया, जो औसत श्रेणी में रहे। 2025 में दीपावली 2 दिन होने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज है।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि दीपावली के दौरान शहर की वायु गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव रहा है। इस साल की विशेष निगरानी से अलग-अलग दिनों में प्रदूषण के स्तर का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

ताजा आंकड़ों में उधम सिंह नगर आगे

नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 6 नवंबर 2026 को हल्द्वानी का AQI 110 दर्ज किया गया। यह औसत श्रेणी में है। 7 नवंबर को नैनीताल का AQI 74 रहा, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है।

प्रदेश में वायु प्रदूषण के ताजा आंकड़ों में उधम सिंह नगर जिला इन शहरों से आगे रहा। रुद्रपुर का AQI 141 और काशीपुर का 145 दर्ज किया गया। दोनों आंकड़े औसत श्रेणी में हैं और हल्द्वानी तथा नैनीताल की तुलना में अधिक हैं।

AQI का स्वास्थ्य पर असर

AQI 0 से 50 के बीच होने पर हवा अच्छी मानी जाती है और यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित रहती है। 51 से 100 का स्तर संतोषजनक होता है, लेकिन संवेदनशील लोगों पर हल्का असर पड़ सकता है।

101 से 200 के बीच AQI औसत श्रेणी में आता है। इस स्तर पर सांस के मरीजों और बुजुर्गों को परेशानी हो सकती है। 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी मानी जाती है। इन ऊंचे स्तरों पर स्वास्थ्य संबंधी असर बढ़ने की बात रिपोर्ट में दी गई है।

निष्कर्ष

दीपावली के दौरान प्रदूषण के स्तर पर नजर रखने के लिए हल्द्वानी और नैनीताल में विशेष मशीनें लगाई गई हैं। ताजा आंकड़ों में हल्द्वानी और नैनीताल का AQI उधम सिंह नगर के रुद्रपुर और काशीपुर से कम रहा, जबकि निगरानी दीपावली के एक सप्ताह बाद तक जारी रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हल्द्वानी और नैनीताल में विशेष मशीनें क्यों लगाई गई हैं?

दीपावली के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण की सैंपलिंग और निगरानी के लिए ये मशीनें लगाई गई हैं।

Q. हल्द्वानी में कितनी मॉनिटरिंग मशीनें लगाई गई हैं?

हल्द्वानी में 2 स्थानों पर विशेष मॉनिटरिंग मशीनें लगाई गई हैं।

Q. नैनीताल में कितनी मशीनें लगाई गई हैं?

नैनीताल में एक स्थान पर मॉनिटरिंग मशीन स्थापित की गई है।

Q. वायु प्रदूषण की निगरानी कब तक चलेगी?

निगरानी दीपावली से एक सप्ताह पहले शुरू होकर पर्व के एक सप्ताह बाद तक जारी रहेगी।

Q. 6 नवंबर 2026 को हल्द्वानी का AQI कितना था?

6 नवंबर 2026 को हल्द्वानी का AQI 110 दर्ज किया गया था।

Q. 7 नवंबर को नैनीताल का AQI कितना दर्ज हुआ?

7 नवंबर को नैनीताल का AQI 74 दर्ज किया गया था।

Q. रुद्रपुर और काशीपुर का AQI कितना रहा?

रुद्रपुर का AQI 141 और काशीपुर का 145 दर्ज किया गया।

Q. AQI 101 से 200 के बीच होने का क्या मतलब है?

यह औसत श्रेणी होती है। इस स्तर पर सांस के मरीजों और बुजुर्गों को परेशानी हो सकती है।