उत्तराखंड में चुनाव से पहले लालकुआं विधानसभा सीट पर बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने का मुद्दा सबसे अहम बन गया है। इस क्षेत्र के करीब 40 हजार वोटरों का भू-स्वामित्व लंबे समय से अनसुलझा है। इसी वजह से विकास कार्यों के दावों के बावजूद चुनावी बहस में बिंदुखत्ता सबसे आगे है।

नैनीताल जिले की लालकुआं सीट कुमाऊं का प्रमुख रेल जंक्शन और औद्योगिक प्रवेश द्वार मानी जाती है। यहां पूर्व-सैनिक और वन-बस्तियों की बड़ी आबादी है। राजपूत और ब्राह्मण मतदाताओं के साथ पूर्व-सैनिक, पूर्वांचली-बंगाली तथा अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी चुनावी नतीजे पर असर डालते हैं।

लालकुआं सीट का चुनावी इतिहास

लालकुआं विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद बनी। इससे पहले यह क्षेत्र हल्द्वानी और धारी विधानसभा सीटों में शामिल था। 2012 के पहले चुनाव में निर्दलीय हरीश चंद्र दुर्गापाल ने भाजपा के नवीन चंद्र दुमका को 8,848 वोटों से हराया था। बाद में दुर्गापाल कांग्रेस के समर्थन से कैबिनेट मंत्री बने।

2017 में भाजपा के नवीन चंद्र दुमका ने कांग्रेस उम्मीदवार हरीश चंद्र दुर्गापाल को 27,108 वोटों से हराकर सीट जीती। 2022 में भाजपा ने दुमका की जगह डॉ. मोहन सिंह बिष्ट को उम्मीदवार बनाया। बिष्ट ने कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को 17,527 वोटों से हराया। निर्दलीय संध्या डलाकोटी को 3,908 वोट मिले।

भाजपा ने 2017 और 2022 में यह सीट जीती है। हालांकि 2012 से अब तक लालकुआं से कोई विधायक लगातार दूसरी बार चुनाव नहीं जीत सका है। इसलिए उम्मीदवार का चयन भी भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भाजपा का विकास और बिंदुखत्ता पर दावा

विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट का कहना है कि उनके कार्यकाल में 40-50 साल से लंबित बड़े कामों में से 90% से अधिक पूरे किए गए। उन्होंने हल्दुचौड़ में 30 बेड का अस्पताल शुरू होने, राष्ट्रीय राजमार्ग में सुधार, जमरानी नहर और बिजली व्यवस्था से जुड़े कामों को उपलब्धि बताया।

बिष्ट के अनुसार बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की प्रक्रिया जारी है। उनका दावा है कि सुप्रीम कोर्ट की रोक हटने के बाद वहां 30 करोड़ रुपये की लागत से विद्युतीकरण शुरू कराया गया है। भाजपा नेता दीपेंद्र कोश्यारी ने भी कहा कि बिंदुखत्ता का मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा में शामिल हुआ और कैबिनेट से मंजूर किया गया है।

कोश्यारी के मुताबिक मुख्य सचिव और उनकी टीम के नेतृत्व में इस मुद्दे पर काम चल रहा है। उन्होंने रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग, सड़कों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस ने अधूरे वादे का आरोप लगाया

कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल का दावा है कि उनके कार्यकाल में लालकुआं में सड़कें, आईटीआई, इंटर कॉलेज, अस्पताल और बिजलीघर जैसे काम हुए। उनका कहना है कि बिंदुखत्ता की मौजूदा स्थिति के पीछे भी उन्हीं विकास कार्यों की भूमिका है।

दुर्गापाल ने आरोप लगाया कि पिछले 10 साल में क्षेत्र में कोई बड़ा काम नहीं हुआ। उनके अनुसार बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। यह आरोप भाजपा के विकास दावों से अलग तस्वीर पेश करता है।

कांग्रेस और वामपंथी दल बिंदुखत्ता आंदोलन को चुनावी मुद्दा बनाकर भाजपा को घेर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से इस बार पूर्व विधायक और नेता हरीश चंद्र दुर्गापाल के बेटे नंदन दुर्गापाल को मैदान में उतारने की संभावना बताई जा रही है।

टिकट और स्थानीय मुद्दों से तय होगा मुकाबला

भाजपा में मौजूदा विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट के साथ दीपेंद्र कोश्यारी की दावेदारी भी चर्चा में है। 2022 में लगातार दूसरी जीत के बाद भाजपा के सामने सीट बचाने की चुनौती है। बिंदुखत्ता पर कोई ठोस जमीनी फैसला और टिकट का चयन चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है।

बिंदुखत्ता के अलावा गौला नदी में खनन, रोजगार, सिंचाई और मानव-वन्यजीव संघर्ष भी मतदाताओं की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इन मुद्दों पर स्थानीय लोगों की अपेक्षाएं और दोनों दलों के दावे लालकुआं के चुनावी मुकाबले को प्रभावित कर सकते हैं।

निष्कर्ष

लालकुआं में भाजपा विकास कार्यों और बिंदुखत्ता पर जारी प्रक्रिया को अपनी ताकत बता रही है। कांग्रेस इसी मुद्दे पर वादा पूरा न होने का आरोप लगा रही है। करीब 40 हजार वोटरों से जुड़े राजस्व गांव और भू-स्वामित्व के सवाल पर आगे की कार्रवाई तथा उम्मीदवारों का चयन चुनाव की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. लालकुआं विधानसभा सीट पर सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा क्या है?

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाना और वहां के करीब 40 हजार वोटरों का भू-स्वामित्व सबसे बड़ा मुद्दा है।

Q. लालकुआं सीट कब अस्तित्व में आई?

लालकुआं विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। इससे पहले यह क्षेत्र हल्द्वानी और धारी सीटों का हिस्सा था।

Q. 2022 में लालकुआं से कौन जीता था?

भाजपा के डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को 17,527 वोटों से हराया था।

Q. विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने किन कामों का दावा किया है?

उन्होंने हल्दुचौड़ के 30 बेड वाले अस्पताल, राष्ट्रीय राजमार्ग, जमरानी नहर और बिजली व्यवस्था से जुड़े कामों का उल्लेख किया है।

Q. बिंदुखत्ता पर भाजपा का क्या कहना है?

भाजपा नेताओं के अनुसार राजस्व गांव का मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा और कैबिनेट से मंजूरी से जुड़ा है। बिंदुखत्ता में 30 करोड़ रुपये की लागत से विद्युतीकरण शुरू होने का भी दावा किया गया है।

Q. कांग्रेस ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया है?

कांग्रेस नेता हरीश चंद्र दुर्गापाल का आरोप है कि पिछले 10 साल में कोई बड़ा काम नहीं हुआ और बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का वादा अधूरा है।