देहरादून में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सोमवार (2 नवंबर) को कर्मचारी और शिक्षक संगठन महारैली निकालने की तैयारी में हैं। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड (NOPRUF) के नेतृत्व में प्रस्तावित रैली परेड ग्राउंड से शुरू होकर मुख्यमंत्री आवास तक जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना है।
मोर्चे के अनुसार, इस आंदोलन को प्रदेश के 65 कर्मचारी और शिक्षक संगठनों का समर्थन मिला है। संगठन का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाली अब किसी एक संगठन तक सीमित मुद्दा नहीं रह गया है। यह अलग-अलग विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों की साझा मांग बन चुकी है।
परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास तक कूच
महारैली के लिए कर्मचारी देहरादून के परेड ग्राउंड में जुटेंगे। वहां से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया जाएगा। मोर्चे ने कहा है कि कार्यक्रम अनुशासन और आपसी समन्वय के साथ आयोजित किया जाएगा। रैली के दौरान कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग सरकार के सामने रखेंगे।
मोर्चे के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए इस बार आर-पार की लड़ाई है। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी संगठनों से अधिक संख्या में महारैली में शामिल होने की अपील की है।
पोखरियाल के अनुसार, पुरानी पेंशन का सवाल कर्मचारियों के भविष्य और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कर्मचारियों से संगठनात्मक मतभेदों से ऊपर उठकर आंदोलन में भाग लेने का आग्रह किया।
दूरस्थ जिलों से कर्मचारियों से पहुंचने की अपील
मोर्चे ने पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और अल्मोड़ा के कर्मचारियों से देहरादून पहुंचने का आह्वान किया है। नैनीताल, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून के कार्मिकों से भी बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
संगठन ने विशेष रूप से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों से दूरी और विभागीय सीमाओं की परवाह किए बिना रैली में भाग लेने को कहा है। महिला कर्मचारियों, युवा कार्मिकों और रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों से भी सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा जताई गई है।
आगे की रणनीति पर घोषणा संभव
रविवार को देहरादून के लोक निर्माण विभाग संघ भवन में मोर्चे की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें रैली की तैयारियों, संगठनात्मक समन्वय और प्रदेशभर से आने वाले कर्मचारियों की भागीदारी की समीक्षा की गई। बैठक में कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
मोर्चे के अनुसार, महारैली के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति और आगामी कार्यक्रमों को लेकर घोषणाएं की जा सकती हैं। सरकार की ओर से इस मांग पर कोई नया निर्णय या प्रतिक्रिया की जानकारी अभी नहीं है।
निष्कर्ष
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर उत्तराखंड के 65 कर्मचारी और शिक्षक संगठन देहरादून की महारैली में समर्थन जता रहे हैं। परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास तक प्रस्तावित कूच और घेराव के जरिए कर्मचारी सरकार के सामने अपनी मांग रखेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. पुरानी पेंशन को लेकर महारैली कब प्रस्तावित है?
महारैली सोमवार (2 नवंबर) को देहरादून में प्रस्तावित है।
Q. महारैली कहां से शुरू होगी?
रैली देहरादून के परेड ग्राउंड से शुरू होने की योजना है।
Q. कर्मचारी रैली के बाद कहां जाएंगे?
कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे और वहां घेराव की योजना है।
Q. आंदोलन को कितने संगठनों का समर्थन मिला है?
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के अनुसार, 65 कर्मचारी और शिक्षक संगठनों ने समर्थन दिया है।
Q. किन जिलों के कर्मचारियों से शामिल होने की अपील की गई है?
पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत, अल्मोड़ा, नैनीताल, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून के कर्मचारियों से अपील की गई है।
Q. मोर्चे के प्रदेश महासचिव कौन हैं?
सीताराम पोखरियाल राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव हैं।










