नैनीताल में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने खटीमा नगर पालिका परिषद के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका ने अदालत के पहले के आदेश का पालन नहीं किया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ कर रही है।

याचिकाकर्ता विक्रम सिंह चौहान का कहना है कि नगर पालिका ने अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया। यह आरोप याचिका में रखा गया है और इस पर अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

पहले के आदेश में क्या कहा गया था

अदालत के पहले के आदेश में खटीमा नगर पालिका परिषद को नए दिशा-निर्देशों के आधार पर ठेकेदारों का पंजीकरण करने और अनुबंध आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई थी। मौजूदा अवमानना याचिका इसी आदेश के पालन से जुड़े आरोपों पर आधारित है।

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अवमानना के आरोपों का सामना कर रहे पक्षों को नोटिस जारी किया। अदालत ने 2 सप्ताह के भीतर जवाब या जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। साथ ही, आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है।

मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। उस तारीख पर अदालत संबंधित पक्षों के जवाब और आदेश के अनुपालन की स्थिति पर आगे विचार करेगी।

निष्कर्ष

खटीमा नगर पालिका परिषद के खिलाफ अवमानना याचिका में हाईकोर्ट ने 2 सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. यह मामला किस संस्था से जुड़ा है?

यह मामला खटीमा नगर पालिका परिषद के खिलाफ दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है।

Q. याचिका किसने दायर की है?

याचिका विक्रम सिंह चौहान ने दायर की है।

Q. याचिकाकर्ता ने क्या आरोप लगाया है?

उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका ने अदालत के पहले के आदेश का पालन नहीं किया।

Q. पहले के आदेश में नगर पालिका को क्या अनुमति मिली थी?

नगर पालिका परिषद को नए दिशा-निर्देशों के आधार पर ठेकेदारों का पंजीकरण करने और अनुबंध आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई थी।

Q. हाईकोर्ट ने अब क्या निर्देश दिया है?

अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में जवाब या जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

Q. मामले की अगली सुनवाई कब होगी?

मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।