नैनीताल हाईकोर्ट ने सीआरएसटी इंटर कॉलेज की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें कॉलेज से राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) यूनिट हटाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने की।
कॉलेज ने उत्तराखंड राष्ट्रीय कैडेट कोर निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक के 11 जून 2024 के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। इस आदेश के तहत कॉलेज से एनसीसी यूनिट तत्काल हटाई गई थी।
मामले में एनसीसी निदेशालय के निदेशक कर्नल अरुण कुमार सिंह की ओर से जवाबी शपथ पत्र दाखिल किया गया। इसमें कहा गया कि कॉलेज में कक्षा 6 से 12 तक करीब 140 छात्र पढ़ते हैं। पिछले 2 साल के दौरान कक्षा 11 और 12 में छात्रों की कुल संख्या 40 से कम रही।
शपथ पत्र के अनुसार, अगस्त 2022 में एनसीसी नामांकन के दौरान 20 खाली सीटों के लिए 16 छात्र आए थे। इनमें से 10 छात्र ही योग्य पाए गए, जबकि बाकी 6 छात्रों ने प्रवेश लेने से इनकार कर दिया।
जवाबी शपथ पत्र में यह भी कहा गया कि कॉलेज के एसोसिएट एनसीसी अधिकारी ने गतिविधियों में रुचि नहीं दिखाई। इन्हीं तथ्यों के बीच कॉलेज ने यूनिट हटाने के आदेश को अदालत में चुनौती दी थी।
निष्कर्ष
नैनीताल हाईकोर्ट ने सीआरएसटी इंटर कॉलेज की एनसीसी यूनिट हटाने के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज कर दी। मामले में अदालत के सामने छात्रों की कम संख्या, नामांकन की स्थिति और एनसीसी गतिविधियों में रुचि से जुड़े तथ्य रखे गए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सीआरएसटी इंटर कॉलेज ने हाईकोर्ट में क्या चुनौती दी थी?
कॉलेज ने उससे एनसीसी यूनिट हटाने के आदेश को चुनौती दी थी।
Q. हाईकोर्ट ने याचिका पर क्या फैसला दिया?
नैनीताल हाईकोर्ट ने कॉलेज की याचिका खारिज कर दी।
Q. एनसीसी यूनिट हटाने का आदेश कब जारी हुआ था?
उत्तराखंड राष्ट्रीय कैडेट कोर निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक ने 11 जून 2024 को यह आदेश जारी किया था।
Q. मामले की सुनवाई किसने की?
मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने की।
Q. कॉलेज में कक्षा 6 से 12 तक कितने छात्र पढ़ते हैं?
एनसीसी निदेशालय के जवाबी शपथ पत्र के अनुसार, कॉलेज में करीब 140 छात्र पढ़ते हैं।
Q. अगस्त 2022 में एनसीसी नामांकन के दौरान क्या हुआ था?
20 खाली सीटों के लिए 16 छात्र आए थे। इनमें से 10 छात्र योग्य पाए गए, जबकि 6 ने प्रवेश लेने से इनकार कर दिया।











