रुद्रप्रयाग जिले में स्थित तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार, 6 नवंबर को पारंपरिक वैदिक अनुष्ठानों के बाद शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसके साथ ही बाबा तुंगनाथ की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास मक्कूमठ के लिए रवाना हो गई।
उत्सव डोली का पहला रात्रि पड़ाव चोपता में होगा। इसके बाद 7 नवंबर को डोली भंकुन पहुंचेगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, 8 नवंबर को उत्सव डोली मक्कूमठ स्थित मार्कटेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
मक्कूमठ में श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन
ऊंचाई वाले तुंगनाथ धाम के कपाट सर्दियों के लिए बंद रहने के दौरान श्रद्धालु मक्कूमठ में बाबा तुंगनाथ का आशीर्वाद ले सकेंगे। मक्कूमठ में उत्सव डोली के पहुंचने के बाद यही स्थान बाबा तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा और दर्शन का केंद्र रहेगा।
कपाट बंद होने की परंपरा के तहत बाबा तुंगनाथ की उत्सव डोली को निर्धारित पड़ावों से होते हुए मक्कूमठ ले जाया जाता है। इस साल भी यात्रा चोपता और भंकुन में रात्रि पड़ाव के बाद मार्कटेश्वर मंदिर तक पहुंचेगी।
यात्रा का तय कार्यक्रम
- 6 नवंबर: चोपता में रात्रि पड़ाव
- 7 नवंबर: भंकुन में पड़ाव
- 8 नवंबर: मक्कूमठ के मार्कटेश्वर मंदिर पहुंचने का कार्यक्रम
निष्कर्ष
तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के बाद बाबा तुंगनाथ की उत्सव डोली मक्कूमठ की ओर रवाना हो गई है। 8 नवंबर से श्रद्धालु मक्कूमठ स्थित मार्कटेश्वर मंदिर में बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. तुंगनाथ मंदिर के कपाट कब बंद हुए?
6 नवंबर को पारंपरिक वैदिक अनुष्ठानों के बाद तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए।
Q. तुंगनाथ मंदिर किस जिले में स्थित है?
तुंगनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है।
Q. उत्सव डोली का शीतकालीन प्रवास कहां होगा?
उत्सव डोली का शीतकालीन प्रवास मक्कूमठ में होगा।
Q. उत्सव डोली मक्कूमठ कब पहुंचेगी?
उत्सव डोली के 8 नवंबर को मक्कूमठ स्थित मार्कटेश्वर मंदिर पहुंचने का कार्यक्रम है।
Q. कपाट बंद रहने के दौरान श्रद्धालु कहां दर्शन कर सकेंगे?
श्रद्धालु मक्कूमठ में बाबा तुंगनाथ के दर्शन और आशीर्वाद ले सकेंगे।













