नैनीताल की विशेष अदालत ने नाबालिग सौतेली बेटी से दुष्कर्म के आरोपी अमित बहुगुणा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/एफटीएससी सुधीर तोमर ने पीड़िता की उम्र, मेडिकल रिपोर्ट और मामले में सामने आए अन्य साक्ष्यों को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का विरोध किया। अदालत में मामले से जुड़े साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों पर सुनवाई के बाद आरोपी को राहत नहीं मिली।
शिकायत और आरोप
आरोपी की पत्नी ने 30 सितंबर 2026 को हरिद्वार की ज्वालापुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले पति की मृत्यु के बाद उन्होंने 2024 में अमित बहुगुणा से शादी की थी।
मामले में आरोप है कि अमित बहुगुणा 26 सितंबर 2026 को सामान देने भीमताल आया था। आरोप के अनुसार, वह अपनी 13 वर्षीय सौतेली बेटी को बाहर घूमने के बहाने होटल ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता भीमताल में कक्षा 7 में पढ़ती है। घटना की जानकारी उसने फोन पर अपनी मां को दी। इसके बाद पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।
अदालत में किन बातों पर जोर रहा
जमानत सुनवाई के दौरान पीड़िता की उम्र, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना गया। इन्हीं तथ्यों को देखते हुए विशेष अदालत ने अमित बहुगुणा की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
मामले में अभी उपलब्ध जानकारी जमानत अर्जी खारिज होने और पुलिस केस दर्ज किए जाने तक की है। आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष की जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
निष्कर्ष
नैनीताल की विशेष पॉक्सो अदालत ने 13 वर्षीय सौतेली बेटी से दुष्कर्म के आरोपी अमित बहुगुणा को जमानत नहीं दी। अदालत ने पीड़िता की उम्र, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को ध्यान में रखकर अर्जी खारिज की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अमित बहुगुणा के खिलाफ अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
Q. यह मामला किस अदालत में सुना गया?
मामले की सुनवाई नैनीताल की विशेष पॉक्सो/एफटीएससी अदालत में हुई।
Q. जमानत अर्जी किस न्यायाधीश ने खारिज की?
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो/एफटीएससी सुधीर तोमर ने फैसला सुनाया।
Q. शिकायत कब और कहां दर्ज हुई थी?
आरोपी की पत्नी ने 30 सितंबर 2026 को हरिद्वार की ज्वालापुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
Q. पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया?
पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया।
Q. अभियोजन पक्ष की ओर से कौन पेश हुए?
विशेष लोक अभियोजक सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का विरोध किया।








