हरिद्वार के ज्वालापुर में एक बुजुर्ग से 18 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, ज्वालापुर स्थित आर्य वानप्रस्थ आश्रम निवासी व्यक्ति ने साइबर पुलिस पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने अपनी गलत पहचान बताकर उन्हें भ्रमित किया। आरोप है कि ठगी के लिए फर्जी दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया गया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने बुजुर्ग से परिचित बनकर संपर्क किया और इसी पहचान के जरिए उन्हें विश्वास में लिया। इसके बाद धोखाधड़ी कर 18 लाख रुपये हासिल किए गए। पीड़ित को ठगी का पता चलने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना देहरादून से ज्वालापुर पहुंची शिकायत
पीड़ित ने पहले साइबर थाना देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। वहां से ई-जीरो एफआईआर ज्वालापुर कोतवाली ट्रांसफर की गई। इसके बाद ज्वालापुर पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की।
सीओ संजय चौहान ने बताया कि मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उपलब्ध जानकारी में आरोपियों की पहचान या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है।
निष्कर्ष
ज्वालापुर में बुजुर्ग को परिचित बनकर और गलत पहचान का इस्तेमाल कर 18 लाख रुपये की साइबर ठगी का आरोप है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना प्रभारी निरीक्षक को सौंपी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ज्वालापुर साइबर ठगी मामले में कितनी रकम की धोखाधड़ी हुई?
पुलिस शिकायत के अनुसार, बुजुर्ग से 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
Q. पीड़ित कौन हैं?
पीड़ित ज्वालापुर के आर्य वानप्रस्थ आश्रम निवासी बुजुर्ग हैं।
Q. ठगी किस तरीके से करने का आरोप है?
आरोप है कि आरोपी ने गलत पहचान बताकर और परिचित बनकर बुजुर्ग को भ्रमित किया। फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप है।
Q. शिकायत कहां दर्ज कराई गई थी?
पीड़ित ने साइबर थाना देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। वहां से ई-जीरो एफआईआर ज्वालापुर कोतवाली भेजी गई।
Q. मामले की जांच किसे सौंपी गई है?
सीओ संजय चौहान के अनुसार, मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक को सौंपी गई है।








