उत्तराखंड के 2 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित हुआ।
पुरस्कार में क्या शामिल है
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार में प्रशस्ति-पत्र, 50 हजार रुपये और रजत पदक दिया जाता है। यह सम्मान उच्च शिक्षा में शिक्षकों के उल्लेखनीय योगदान को मान्यता देता है।
गबर सिंह बिष्ट का शैक्षणिक काम
पढ़ाई में डिजिटल प्लेटफॉर्म, आईसीटी, ई-कंटेंट और गूगल मीट का इस्तेमाल किया गया। कोरोना काल में ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने में भी उनकी भूमिका रही।
बिष्ट को इससे पहले राज्यपाल पुरस्कार और शैलेश मटियानी पुरस्कार मिल चुके हैं।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 में उत्तराखंड की उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा, दोनों क्षेत्रों के शिक्षकों को जगह मिली।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 किसे मिला?
मनीषा निगम और गबर सिंह बिष्ट को यह सम्मान मिला।
Q. पुरस्कार समारोह कहां हुआ?
समारोह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित हुआ।
Q. मनीषा निगम किस संस्था से जुड़ी हैं?
वह हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की शिक्षिका हैं।
Q. गबर सिंह बिष्ट कहां प्रधानाध्यापक हैं?
वह पौड़ी के राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखांद में प्रधानाध्यापक हैं।
Q. राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार में क्या मिलता है?
पुरस्कार में प्रशस्ति-पत्र, 50 हजार रुपये और रजत पदक शामिल हैं।








