पौड़ी जिले के द्वारीखाल ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय भयांसू से चोरी हुए सामान की बरामदगी के मामले में अदालत ने दीपक को दोषी ठहराया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट/सिविल जज (जू.डि.) लैंसडौन प्रिया साह की अदालत ने उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया।
अदालत ने दोषी के कब्जे से चोरी का सामान बरामद होने और उसे रखने का आरोप साबित माना। फैसले में पहले जेल में बिताई गई अवधि को ही सजा माना गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे एक दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
ऐसे सामने आया मामला
अभियोजन के अनुसार, 8 अप्रैल 2026 को पुलिस रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान एक युवक की तलाशी ली गई। उसके पास एक कट्टा मिला, जिसमें कंप्यूटर, अन्य सहायक उपकरण और एक ढोलक रखी थी।
पूछताछ के बाद युवक की पहचान लैंसडौन निवासी दीपक के रूप में हुई। स्कूल में हुई चोरी को लेकर शिक्षकों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने 9 अप्रैल को दीपक को गिरफ्तार किया।
मामले में उसे 13 मई को जमानत मिल गई थी। बाद में अदालत में चली कार्रवाई के दौरान चोरी का सामान उसके कब्जे से बरामद होने और उसे रखने का आरोप साबित हुआ। इसी आधार पर अदालत ने दोषी ठहराते हुए जुर्माने की सजा सुनाई।
निष्कर्ष
प्राथमिक विद्यालय भयांसू से चोरी के सामान की बरामदगी के मामले में अदालत ने दीपक को दोषी माना है। उसे पहले जेल में बिताई अवधि की सजा के साथ 500 रुपये का जुर्माना दिया गया है। जुर्माना नहीं देने पर एक दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह मामला किस स्कूल से जुड़ा है?
यह मामला पौड़ी जिले के द्वारीखाल ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय भयांसू से जुड़ा है।
Q. अदालत ने किसे दोषी ठहराया?
अदालत ने लैंसडौन निवासी दीपक को दोषी ठहराया।
Q. चोरी का कौन-सा सामान बरामद हुआ था?
एक कंप्यूटर, अन्य सहायक उपकरण और एक ढोलक बरामद हुई थी।
Q. पुलिस ने आरोपी को कब गिरफ्तार किया था?
पुलिस ने दीपक को 9 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया था।
Q. अदालत ने क्या सजा सुनाई?
अदालत ने पहले जेल में बिताई अवधि को सजा माना और 500 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं देने पर एक दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा।









