चम्पावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में गुलदार की दहशत अभी बनी हुई है। सुई पऊ के डुंगरी तोक में गुलदार के हमले में किशोर हर्षित की मौत के बाद आसपास के गांवों के लोग शाम ढलते ही घरों में लौट रहे हैं।

बाराकोट मार्ग से जुड़े प्रेमनगर, कनेड़ा, छमनिया, गलचौड़ा और चनकांडे में शाम होते ही सन्नाटा छा जा रहा है। स्थानीय लोग अंधेरा होने से पहले अपने जरूरी काम निपटाकर घर लौट रहे हैं। ग्रामीणों के बीच गुलदार को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।

कारोबार पर भी असर

गुलदार की दहशत का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ा है। लोहाघाट में दुकान और दूध का कारोबार करने वाले मोहन चंद्र, ललित और प्रकाश चंद्र ने बताया कि वे शाम होने से पहले दुकानें बंद कर घर पहुंच रहे हैं।

व्यापारियों के मुताबिक, क्षेत्र में भय का माहौल है। इसी वजह से लोग देर शाम तक बाजार और मार्ग पर रुकने से बच रहे हैं।

वन विभाग की गश्त जारी

वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है। विभागीय कर्मचारी लोगों को गुलदार से बचाव को लेकर जागरूक कर रहे हैं। हालांकि, हर्षित की मौत के बाद ग्रामीण गुलदार से निजात दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों की मांग है कि क्षेत्र में गुलदार की दहशत खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। फिलहाल बाराकोट मार्ग और आसपास के गांवों में शाम के बाद लोगों की आवाजाही और कारोबार प्रभावित है।

निष्कर्ष

हर्षित की मौत के बाद लोहाघाट के सुई पऊ और आसपास के गांवों में गुलदार का डर बना हुआ है। वन विभाग गश्त कर रहा है, जबकि ग्रामीण ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. गुलदार की दहशत किस क्षेत्र में बनी हुई है?

लोहाघाट के सुई पऊ क्षेत्र और बाराकोट मार्ग से जुड़े आसपास के गांवों में गुलदार की दहशत बनी हुई है।

Q. गुलदार के हमले में किसकी मौत हुई?

सुई पऊ के डुंगरी तोक में गुलदार के हमले में किशोर हर्षित की मौत हुई।

Q. किन गांवों में शाम होते ही सन्नाटा छा रहा है?

प्रेमनगर, कनेड़ा, छमनिया, गलचौड़ा और चनकांडे में शाम होते ही सन्नाटा छा रहा है।

Q. दहशत का कारोबार पर क्या असर पड़ा है?

व्यापारी दुकानें समय से पहले बंद कर घर लौट रहे हैं।

Q. वन विभाग की ओर से क्या किया जा रहा है?

वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है और लोगों को जागरूक कर रही है।

Q. ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है?

ग्रामीण गुलदार से निजात दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।