चम्पावत में सितारगंज-टनकपुर फोर लेन हाईवे की प्रस्तावित चौड़ाई 45 मीटर से घटाकर 30 मीटर कर दी गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस बदलाव से संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं।
भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचनाओं के आधार पर संशोधित भूमि अधिग्रहण प्लान तैयार किया गया है। इसे आवश्यक आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।
इस बदलाव के बाद हाईवे के लिए जमीन से जुड़ी प्रक्रिया संशोधित योजना के अनुसार आगे बढ़ेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन-किन भू-स्वामियों की जमीन पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
पारदर्शिता पर डीएम का जोर
डीएम मनीष कुमार ने सड़क चौड़ीकरण और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से और नियमों के तहत पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रक्रिया के दौरान स्थानीय भू-स्वामियों और नागरिकों के हितों का पूरा ध्यान रखने को कहा है।
संशोधित प्लान भेजे जाने के बाद अब भूमि अधिग्रहण से जुड़ी आगे की कार्रवाई इसी बदलाव के आधार पर की जाएगी।
निष्कर्ष
सितारगंज-टनकपुर फोर लेन हाईवे की प्रस्तावित चौड़ाई 45 मीटर के बजाय 30 मीटर कर दी गई है। एनएचएआई के आदेश के बाद संशोधित भूमि अधिग्रहण प्लान आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है, जबकि डीएम ने प्रक्रिया पारदर्शी रखने और स्थानीय हितों की रक्षा के निर्देश दिए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सितारगंज-टनकपुर हाईवे की प्रस्तावित चौड़ाई अब कितनी होगी?
अब हाईवे की प्रस्तावित चौड़ाई 30 मीटर होगी। पहले यह 45 मीटर प्रस्तावित थी।
Q. चौड़ाई घटाने का आदेश किसने जारी किया है?
इस बदलाव का आदेश एनएचएआई ने जारी किया है।
Q. संशोधित भूमि अधिग्रहण प्लान किस आधार पर तैयार हुआ है?
यह प्लान भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है।
Q. संशोधित प्लान का क्या किया गया है?
प्लान को आवश्यक आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।
Q. डीएम मनीष कुमार ने क्या निर्देश दिए हैं?
उन्होंने प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमों के तहत पूरा करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय भू-स्वामियों और नागरिकों के हितों का ध्यान रखने को भी कहा है।









