उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य के सीमावर्ती गांवों को अब ‘आखिरी गांव’ नहीं, बल्कि भारत के ‘पहले गांव’ के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमा पर बसे गांव देश की शुरुआत का प्रतिनिधित्व करते हैं।

धामी ने जिन क्षेत्रों का नाम लिया, उनमें नगला तराई, मेलाघाट, सिसैया, नारायण नगर, पचौरिया, गोसीकुवा और भुदाई शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत के गुडमी से लेकर सीमा पर स्थित सभी गांव भारत के पहले गांव हैं।

उन्होंने कहा, “अब तक जिन्हें आखिरी गांव कहा जाता रहा है, वे सभी भारत के पहले गांव होंगे।” उनके मुताबिक, यह पूरा क्षेत्र इसी पहचान के साथ देखा जाना चाहिए।

किन गांवों का उल्लेख हुआ

मुख्यमंत्री के बयान में नगला तराई, मेलाघाट, सिसैया, नारायण नगर, पचौरिया, गोसीकुवा और भुदाई का नाम आया। उन्होंने इन गांवों को चंपावत के गुडमी से सीमा पर बसे अन्य गांवों के साथ एक व्यापक सीमावर्ती क्षेत्र के रूप में बताया।

इस बयान में किसी नई योजना, बजट, समयसीमा या प्रशासनिक आदेश की जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती गांवों की पहचान और उनके महत्व को लेकर अपना रुख सामने रखा है।

सीमावर्ती गांवों को लेकर संदेश

धामी के बयान का मुख्य संदेश यह है कि सीमा पर बसे गांवों को देश के दूरस्थ या अंतिम हिस्से के बजाय भारत के शुरुआती गांवों के रूप में देखा जाए। उन्होंने इस विचार को चंपावत के गुडमी से लेकर सीमा तक बसे पूरे क्षेत्र पर लागू बताया।

बयान में गांवों के विकास, किसी परियोजना या अगले प्रशासनिक कदम का अलग से उल्लेख नहीं किया गया। इसलिए इस वक्त उपलब्ध जानकारी मुख्यमंत्री की घोषणा और सीमावर्ती गांवों को लेकर उनके दृष्टिकोण तक सीमित है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि नगला तराई, मेलाघाट, सिसैया, नारायण नगर, पचौरिया, गोसीकुवा, भुदाई और सीमा पर बसे अन्य गांवों को भारत के ‘पहले गांव’ के रूप में पहचान दी जाएगी। उन्होंने चंपावत के गुडमी से जुड़े पूरे सीमावर्ती क्षेत्र का उल्लेख किया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि अब तक ‘आखिरी गांव’ कहे जाने वाले सीमावर्ती गांव भारत के ‘पहले गांव’ होंगे।

Q. धामी ने किन गांवों का नाम लिया?

उन्होंने नगला तराई, मेलाघाट, सिसैया, नारायण नगर, पचौरिया, गोसीकुवा और भुदाई का नाम लिया।

Q. बयान में किस क्षेत्र का उल्लेख हुआ?

मुख्यमंत्री ने चंपावत के गुडमी से सीमा पर बसे गांवों तक के पूरे क्षेत्र का उल्लेख किया।

Q. क्या किसी नई योजना की घोषणा हुई है?

उपलब्ध बयान में किसी नई योजना, बजट या समयसीमा की घोषणा नहीं की गई है।

Q. गांवों के लिए नई पहचान क्या बताई गई है?

इन सीमावर्ती गांवों को ‘आखिरी गांव’ के बजाय भारत के ‘पहले गांव’ के रूप में पहचान देने की बात कही गई है।