चम्पावत के सीमांत क्षेत्र रौंशाल में बुधवार को कुमाऊं एकता महोत्सव का आगाज हुआ। उद्घाटन उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष और राज्य मंत्री हुकम सिंह कुंवर ने किया। कार्यक्रम शुरू होते ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लोक परंपराओं से जुड़े आयोजन भी आरंभ हो गए।

महोत्सव में स्थानीय कलाकारों और युवाओं ने अपनी प्रतिभा प्रस्तुत की। ग्रामीणों की मौजूदगी से कार्यक्रम में सामुदायिक भागीदारी भी दिखाई दी। आयोजन के दौरान क्षेत्रीय पहचान, सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग को प्रमुखता दी जा रही है।

लोक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश

आयोजकों के अनुसार, महोत्सव का मकसद कुमाऊं की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जीवनशैली बदलने के बीच ऐसे कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

आयोजन समिति के अध्यक्ष सतीश भट्ट ने कहा कि महोत्सव से युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की कोशिश है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान लोककला और संस्कृति से संबंधित कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

महोत्सव लोक कलाकारों और पारंपरिक विधाओं को सार्वजनिक मंच देने का माध्यम भी बना है। आयोजन में स्थानीय सहभागिता के जरिए संस्कृति संरक्षण और सामाजिक जुड़ाव, दोनों पक्षों पर ध्यान दिया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में सचिव मोहन सिंह, कोषाध्यक्ष बसंत वल्लभ भट्ट और जिला पंचायत सदस्य पुष्कर राम मटियानी शामिल हुए। इनके साथ महेंद्र बोहरा, चंद्रकांत तिवारी, कमल कुंवर, कैलाश राम, कैलाश सिंह, नैन राम, दीपक जोशी और ललित मोहन कुंवर भी मौजूद रहे।

समारोह में क्षेत्र के सामाजिक प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया। आयोजकों ने महोत्सव को लोक परंपराओं और सामुदायिक सहभागिता को साथ लाने वाली पहल के रूप में रखा है।

निष्कर्ष

रौंशाल में शुरू हुआ कुमाऊं एकता महोत्सव लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और सामाजिक भागीदारी पर केंद्रित है। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों और युवाओं को मंच देकर सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. कुमाऊं एकता महोत्सव कहां शुरू हुआ?

यह महोत्सव चम्पावत के सीमांत क्षेत्र रौंशाल में शुरू हुआ।

Q. महोत्सव का उद्घाटन किसने किया?

उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष और राज्य मंत्री हुकम सिंह कुंवर ने उद्घाटन किया।

Q. आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य कुमाऊं की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

Q. महोत्सव में किन लोगों को मंच मिला?

स्थानीय कलाकारों और युवाओं ने कार्यक्रम में अपनी कला प्रस्तुत की।

Q. कार्यक्रम में किन विषयों पर जोर दिया गया?

क्षेत्रीय पहचान, सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग को प्रमुखता दी गई।