नैनीताल पुलिस ने हल्द्वानी में नाबालिग बच्चे के कथित यौन शोषण और उसका वीडियो इंटरनेट पर अपलोड किए जाने के मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर टिपलाइन से मिली 11 गंभीर शिकायतों के बाद की गई। मामला बाल यौन शोषण और साइबर अपराध से जुड़ा है।
कोतवाली हल्द्वानी में FIR संख्या 373/2026 दर्ज की गई है। इसमें पॉक्सो एक्ट की धारा 14/15 और आईटी एक्ट की धारा 67(B) लगाई गई हैं। पुलिस ने मामले की जांच की जिम्मेदारी प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर सिंह चौहान को सौंपी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित बच्चा और आरोपी एक-दूसरे के पड़ोसी हैं। घटना के समय आरोपी भी नाबालिग था। पुलिस का कहना है कि आरोपी घर पर काफी समय अकेले रहता था और बिना माता-पिता की निगरानी के इंटरनेट का इस्तेमाल करता था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 2 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक लैपटॉप और एक खाली मोबाइल बॉक्स बरामद किया। उपकरणों की डिजिटल जांच में बाल यौन शोषण से जुड़ी फोटो-वीडियो और अश्लील सामग्री की सर्च व डाउनलोड हिस्ट्री मिलने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार क्या हुआ
पुलिस का आरोप है कि आरोपी इंटरनेट पर नाबालिग बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री खोजता और उसे लैपटॉप में सुरक्षित रखता था। इसी सामग्री के प्रभाव में उसने अपने पड़ोसी नाबालिग बच्चे का यौन शोषण किया, उसका वीडियो बनाया और बाद में इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। इन आरोपों की जांच जारी है।
पुलिस ने घटना के बाद पीड़ित बच्चे और उसके परिजनों की विशेष काउंसलिंग कराई है। उपलब्ध जानकारी में आरोपी की गिरफ्तारी या मामले में अदालत के किसी फैसले का उल्लेख नहीं है। इसलिए आरोपी को दोषी नहीं कहा जा सकता।
साइबर टिपलाइन से मिली जानकारी पर कार्रवाई
साइबर टिपलाइन ऑनलाइन रिपोर्टिंग की ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी अवैध सामग्री और ऑनलाइन बाल शोषण की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचती है। पुलिस के मुताबिक, इसी माध्यम से मिली शिकायतों पर हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।
नैनीताल पुलिस ने अभिभावकों से बच्चों के मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नजर रखने की अपील की है। पुलिस ने बच्चों को ऑनलाइन और वास्तविक जीवन में सुरक्षित व असुरक्षित व्यवहार के बारे में समझाने को कहा है।
पुलिस ने माता-पिता से बच्चों के साथ भरोसेमंद और दोस्ताना रिश्ता बनाए रखने की अपील भी की है। किसी अनहोनी या यौन शोषण की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है। साइबर शिकायत के लिए www.cybercrime.gov.in और आपात स्थिति में 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
निष्कर्ष
हल्द्वानी में नाबालिग से कथित यौन शोषण और वीडियो इंटरनेट पर अपलोड किए जाने के मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस ने डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, सामग्री की जांच की है और पीड़ित बच्चे व उसके परिवार की काउंसलिंग कराई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हल्द्वानी मामले में कौन-सी FIR दर्ज हुई है?
कोतवाली हल्द्वानी में FIR संख्या 373/2026 दर्ज की गई है। इसमें पॉक्सो एक्ट की धारा 14/15 और आईटी एक्ट की धारा 67(B) लगाई गई हैं।
Q. मामले की जांच कौन कर रहा है?
जांच की जिम्मेदारी प्रभारी निरीक्षक काठगोदाम जसवीर सिंह चौहान को सौंपी गई है।
Q. पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया है?
पुलिस के अनुसार, 2 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक लैपटॉप और एक खाली मोबाइल बॉक्स बरामद किया गया है।
Q. डिजिटल जांच में क्या मिला?
पुलिस के अनुसार, उपकरणों में बाल यौन शोषण से जुड़ी फोटो-वीडियो और अश्लील सामग्री की सर्च व डाउनलोड हिस्ट्री मिली है।
Q. साइबर शिकायत कहां की जा सकती है?
साइबर शिकायत www.cybercrime.gov.in पर की जा सकती है। आपात स्थिति में 112 डायल करने को कहा गया है।
Q. पुलिस ने अभिभावकों से क्या अपील की है?
पुलिस ने बच्चों के मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नजर रखने की अपील की है। साथ ही बच्चों के साथ भरोसेमंद रिश्ता बनाए रखने को कहा है।











