कोटद्वार के झंडाचौक स्थित टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में बुधवार सुबह करीब 6 बजे आग लग गई। इस घटना में 3 दुकानों में रखा सामान पूरी तरह जल गया। आग की लपटों और धुएं से पहली और दूसरी मंजिल की दुकानों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा।

आग सबसे पहले चाट विक्रेता बॉबी भाटिया के स्टोर में दिखाई दी। कुछ ही समय में यह पास के सैलून और एक अन्य दुकान तक पहुंच गई। आसपास के लोगों ने अग्निशमन विभाग को सूचना दी और नगर निगम का टैंकर बुलाकर आग बुझाने की कोशिश शुरू की।

2 घंटे चला आग बुझाने का अभियान

अग्निशमन अधिकारी भूपेंद्र त्यागी के निर्देशन में विभाग की टीम और एसडीआरएफ कर्मी मौके पर पहुंचे। 2 फायर टेंडर की मदद से करीब 2 घंटे तक अभियान चलाया गया। टीम ने आग को कॉम्प्लेक्स की दूसरी दुकानों तक फैलने से रोकने पर भी काम किया।

व्यापारी विनय भाटिया ने बताया कि कॉम्प्लेक्स में कई व्यापारियों के गोदाम हैं। इनमें लाखों रुपये का सामान रखा हुआ है। उनके अनुसार, अगर आग रात में लगती तो नुकसान और बड़ा हो सकता था और इमारत को बचाना भी मुश्किल होता।

धुएं में फंसे परिवार के 3 सदस्यों को निकाला

स्वीट शॉप में काम करने वाले गौरव शर्मा का परिवार लंबे समय से कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर रहता है। आग के बाद वहां धुआं भर गया और गौरव शर्मा की पत्नी नव्या, बेटी कीर्ति तथा बेटा वासु अंदर फंस गए।

जूस कॉर्नर संचालक कुलदीप सिंह ने सीढ़ी और रस्सी की मदद से तीनों को बाहर निकाला। इस दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना परिवार को सुरक्षित निकालने में मदद की।

निष्कर्ष

झंडाचौक के टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में आग से 3 दुकानें पूरी तरह प्रभावित हुईं और ऊपरी मंजिलों पर भी नुकसान हुआ। अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ की कार्रवाई से आग को आसपास फैलने से रोका गया, जबकि 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. आग कहां लगी?

आग कोटद्वार के झंडाचौक स्थित टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में लगी।

Q. आग कब लगी?

घटना बुधवार सुबह करीब 6 बजे हुई।

Q. आग से कितना नुकसान हुआ?

3 दुकानों में रखा सामान जल गया। पहली और दूसरी मंजिल की दुकानों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा।

Q. आग पर कैसे काबू पाया गया?

अग्निशमन विभाग और एसडीआरएफ ने 2 फायर टेंडर की मदद से करीब 2 घंटे तक अभियान चलाया।

Q. कॉम्प्लेक्स से कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया?

गौरव शर्मा के परिवार के 3 सदस्यों को सीढ़ी और रस्सी की मदद से बाहर निकाला गया।