कोटद्वार के दुगड्डा ब्लॉक स्थित जौरासी तल्ली गांव के हल्दूण तोक में हाथियों के झुंड ने 3 ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान सोलर स्ट्रीट लाइट और खेत में खड़े आम के 2 पेड़ भी टूट गए। घटना के बाद गांव में डर का माहौल है।
यह घटना 18 सितंबर की बताई गई है। प्रभावित ग्रामीणों की पहचान मुकेश कुमार, महेश चंद्र कुकरेती और सोहन लाल के रूप में हुई है। हाथियों ने इनके आवासीय भवनों को क्षतिग्रस्त किया। नुकसान की सटीक मात्रा का आकलन वन विभाग की टीम कर रही है।
मुआवजे और सुरक्षा इंतजाम की मांग
ग्राम प्रधान चंडी प्रसाद कुकरेती ने वन विभाग को पत्र भेजा है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भवनों और पेड़ों की क्षति के आधार पर मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही, इलाके में वनकर्मियों की निगरानी बढ़ाने का अनुरोध किया है।
ग्राम प्रधान ने गांव में हाथियों और जंगली सुअरों को रोकने के लिए दीवार बनाने की मांग भी रखी है। इसके अलावा सोलर फेंसिंग का काम जल्द शुरू कराने को कहा गया है। उनका कहना है कि इन इंतजामों से ग्रामीणों को वन्यजीवों के बढ़ते खतरे से राहत मिल सकती है।
वन विभाग ने शुरू कराया नुकसान का आकलन
लालढांग के रेंजर अनुराग जोशी के अनुसार, विभाग को हल्दूण तोक में हाथियों से घरों और पेड़ों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। इसके बाद वनकर्मियों को मौके पर भेजकर स्थिति और क्षति का मुआयना कराया जा रहा है।
रेंजर ने बताया कि मुआवजे से जुड़ी रिपोर्ट जल्द तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। विभाग ने क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी है। अभी मुआवजा मिलने की प्रक्रिया रिपोर्ट और आकलन पूरा होने के बाद आगे बढ़ेगी।
निष्कर्ष
जौरासी तल्ली के हल्दूण तोक में हाथियों से हुए नुकसान के बाद ग्रामीणों ने राहत और स्थायी सुरक्षा उपाय मांगे हैं। वन विभाग क्षति का आकलन कर रिपोर्ट भेजने और गश्त बढ़ाने की कार्रवाई कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. घटना कहां हुई?
यह घटना कोटद्वार के दुगड्डा ब्लॉक की ग्रामसभा जौरासी के जौरासी तल्ली गांव के हल्दूण तोक में हुई।
Q. हाथियों ने कब नुकसान पहुंचाया?
हाथियों का झुंड 18 सितंबर को हल्दूण तोक पहुंचा था।
Q. कितने ग्रामीणों के घर प्रभावित हुए?
हाथियों ने मुकेश कुमार, महेश चंद्र कुकरेती और सोहन लाल के आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचाया।
Q. घरों के अलावा क्या क्षतिग्रस्त हुआ?
सोलर स्ट्रीट लाइट और खेत में खड़े आम के 2 पेड़ भी टूट गए।
Q. ग्रामीणों ने वन विभाग से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने मुआवजा, गश्त बढ़ाने, हाथी और जंगली सुअर रोधी दीवार तथा सोलर फेंसिंग की मांग की है।
Q. वन विभाग ने अब तक क्या कदम उठाया है?
वनकर्मियों को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है और इलाके में गश्त बढ़ाई गई है।
Q. मुआवजे को लेकर क्या जानकारी है?
क्षति के आकलन के बाद मुआवजे की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।







