मिर्जापुर और उत्तराखंड के लोगों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सावधान किया गया है। @uttarakhandcops के संदेश में साफ कहा गया है कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई नियम नहीं है।
संदेश के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति वीडियो कॉल पर डराकर पैसे मांगता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे व्यक्ति को ठग बताते हुए लोगों से तुरंत कार्रवाई करने की अपील की गई है।
क्या करना है
ऐसी स्थिति में लोग साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा https://cybercrime.gov.in पर जाकर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।
यह अपील खास तौर पर मिर्जापुर और उत्तराखंड के लोगों को संबोधित करते हुए जारी की गई है। संदेश का मुख्य उद्देश्य वीडियो कॉल के जरिए डर पैदा कर पैसे मांगने वाले लोगों से सावधान करना है।
निष्कर्ष
कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई नियम नहीं है। वीडियो कॉल पर डराकर पैसे मांगने की स्थिति में लोगों को घबराने के बजाय 1930 पर कॉल करने या https://cybercrime.gov.in पर जाने को कहा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. क्या कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का कोई नियम है?
नहीं। संदेश में कहा गया है कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई नियम नहीं है।
Q. वीडियो कॉल पर पैसे मांगने वाले को लेकर क्या चेतावनी दी गई है?
ऐसे व्यक्ति को ठग बताया गया है। लोगों से डरने के बजाय तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
Q. साइबर ठगी की स्थिति में किस नंबर पर कॉल करें?
साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
Q. ऑनलाइन शिकायत कहां दर्ज की जा सकती है?
शिकायत https://cybercrime.gov.in पर दर्ज की जा सकती है।
Q. यह चेतावनी किन लोगों के लिए जारी की गई है?
संदेश में मिर्जापुर और उत्तराखंड के लोगों को संबोधित किया गया है।













