उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र और विपक्ष के रवैये को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि 2022 में नई विधानसभा चुनी गई थी और यह उसके 5 साल के कार्यकाल का अंतिम सत्र है।

धामी के मुताबिक, इस साल विधानसभा के 2 सत्र हुए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे 5 साल के कार्यकाल में इस साल सबसे ज्यादा बैठकें हुईं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछला सत्र पूरे दिन लंबे समय तक चला।

विपक्ष के रवैये पर धामी का हमला

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के मौजूदा रवैये को कांग्रेस में बढ़ती प्रवृत्ति से जोड़कर देखा। उन्होंने कांग्रेस के एक शीर्ष नेता को ‘युवराज’ कहते हुए आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व में देश में अराजकता का माहौल बनाया गया है।

धामी ने कहा कि विपक्ष की बेचैनी और निराशा साफ दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक, यह रवैया कभी सड़कों पर उतरने, कभी प्रधानमंत्री आवास के बाहर जुटने और कभी प्रधानमंत्री की दिवंगत मां या उनके पिता के बारे में अपशब्दों के इस्तेमाल के रूप में सामने आता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह कोई नई बात नहीं है और विपक्षी गठबंधन के सभी दलों का रवैया एक जैसा है। उनके ये सभी आरोप विपक्ष और कांग्रेस के संबंध में दिए गए राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आए हैं।

विधानसभा सत्र और राजनीतिक संदेश

धामी के बयान में विधानसभा के कामकाज और विपक्ष की राजनीति, दोनों का जिक्र रहा। उन्होंने इस साल हुई बैठकों की संख्या को विधानसभा के 5 साल के कार्यकाल में सबसे अधिक बताया। साथ ही, विपक्ष के विरोध के तरीके पर कांग्रेस को निशाने पर लिया।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2022 में चुनी गई विधानसभा का यह अंतिम सत्र है और इस साल 2 सत्रों के साथ सबसे ज्यादा बैठकें हुईं। उन्होंने विपक्ष के रवैये पर कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व को लेकर राजनीतिक आरोप भी लगाए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. यह विधानसभा कब चुनी गई थी?

2022 में नई विधानसभा चुनी गई थी।

Q. मौजूदा सत्र को धामी ने क्या बताया?

उन्होंने इसे 2022 में चुनी गई विधानसभा के 5 साल के कार्यकाल का अंतिम सत्र बताया।

Q. इस साल विधानसभा के कितने सत्र हुए?

धामी के अनुसार, इस साल 2 सत्र हुए।

Q. इस साल की बैठकों को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि पूरे 5 साल के कार्यकाल में इस साल सबसे ज्यादा बैठकें हुईं।

Q. धामी ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?

उन्होंने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और विरोध के दौरान आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।