देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपनल के 100 से अधिक सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारी समान कार्य, समान वेतन की मांग कर रहे हैं। हड़ताल के कारण अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के वार्डों, डस्टबिनों और शौचालयों में गंदगी जमा हो गई है। इससे मरीजों और तीमारदारों के बीच संक्रमण के खतरे को लेकर चिंता बढ़ी है।
अस्पताल की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने कर्मचारियों से वार्ता की। उन्होंने मांग पर कार्रवाई के लिए एक माह का समय मांगा, लेकिन कर्मचारी लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े रहे। इसी वजह से बातचीत किसी सहमति तक नहीं पहुंच सकी। कर्मचारियों ने अधिकारियों पर उन्हें गुमराह करने का आरोप लगाया है।
आईसीयू में अभद्रता का आरोप
हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने डिप्टी एमएस डॉ. अमित कुमार पर आईसीयू में सफाई के समय धक्का-मुक्की और अभद्रता करने का आरोप लगाया। इस आरोप को प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने खारिज कर दिया है। उपलब्ध जानकारी में इस मामले में किसी जांच या कार्रवाई का उल्लेख नहीं है।
आदेश और वित्तीय स्वीकृति को लेकर अलग-अलग दावे
मामले में अस्पताल के अधिकारियों के बीच समन्वय को लेकर भी सवाल उठे हैं। निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि इस संबंध में आदेश डेढ़ माह पहले ही जारी किया जा चुका है। वहीं, प्राचार्य ने वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने की बात कही है।
इस तरह कर्मचारियों की मांग पर आदेश जारी होने और उसके लागू होने के लिए वित्तीय स्वीकृति की स्थिति को लेकर अधिकारियों के बयान अलग-अलग हैं। फिलहाल हड़ताल खत्म करने के लिए कर्मचारियों को लिखित आश्वासन नहीं मिला है।
निष्कर्ष
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सफाईकर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है। समान कार्य, समान वेतन की मांग पर वार्ता विफल रहने के बाद अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में सफाई व्यवस्था प्रभावित है और कर्मचारी लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. दून अस्पताल में सफाईकर्मी किस मांग को लेकर हड़ताल पर हैं?
उपनल के सफाई कर्मचारी समान कार्य, समान वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं।
Q. हड़ताल कितने दिन से जारी है?
हड़ताल सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रही।
Q. हड़ताल में कितने सफाई कर्मचारी शामिल हैं?
हड़ताल में उपनल के 100 से अधिक सफाई कर्मचारी शामिल हैं।
Q. हड़ताल से अस्पताल में क्या असर पड़ा है?
पुरानी बिल्डिंग के वार्डों, डस्टबिनों और शौचालयों में गंदगी जमा हो गई है।
Q. कर्मचारियों और प्राचार्य के बीच वार्ता क्यों विफल हुई?
प्राचार्य ने एक माह का समय मांगा, जबकि कर्मचारी लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे।
Q. अधिकारियों ने मामले पर क्या कहा है?
निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने डेढ़ माह पहले आदेश जारी होने की बात कही है। प्राचार्य ने वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने का हवाला दिया है।










