कांग्रेस 4 नवंबर से उत्तराखंड में ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान शुरू करेगी। पार्टी ने सोमवार को इसकी घोषणा की। अभियान राज्यभर में चलाया जाएगा और इसके जरिए जमीन सौदों में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया जाएगा।
कांग्रेस का यह ऐलान ऐसे समय हुआ है, जब उत्तराखंड में राजनीतिक दल चुनावी mode में सक्रिय हो रहे हैं। अभियान के नाम और घोषित उद्देश्य से साफ है कि पार्टी जमीन से जुड़े मामलों को राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उठाने की तैयारी में है।
अभियान का मुद्दा
कांग्रेस के अनुसार, ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान का मुख्य केंद्र उत्तराखंड में जमीन सौदों में कथित भ्रष्टाचार रहेगा। अभियान के कार्यक्रमों, स्थानों या इसमें शामिल होने वाले नेताओं का अलग से विवरण की जानकारी अभी नहीं है।
कांग्रेस ने अभियान को पूरे राज्य में चलाने की बात कही है। हालांकि, इसके तहत जनसभाओं, यात्राओं या अन्य कार्यक्रमों का कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है।
राजनीतिक असर
जमीन सौदों से जुड़े आरोप उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस के लिए एक प्रमुख मुद्दा बन सकते हैं। पार्टी इस अभियान के जरिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ अपना राजनीतिक संदेश सामने रखेगी।
अभी उपलब्ध जानकारी में कांग्रेस की ओर से किसी खास जमीन सौदे, व्यक्ति या मामले का नाम नहीं बताया गया है। इसलिए अभियान के आगे के मुद्दे और आरोप इसके विस्तृत कार्यक्रम या पार्टी के अगले बयानों से स्पष्ट होंगे।
निष्कर्ष
कांग्रेस 4 नवंबर से उत्तराखंड में ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान शुरू करेगी। पार्टी इस राज्यव्यापी अभियान में जमीन सौदों में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कांग्रेस का अभियान कब शुरू होगा?
4 नवंबर से कांग्रेस का ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ’ अभियान शुरू होगा।
Q. अभियान कहां चलाया जाएगा?
कांग्रेस के अनुसार, यह अभियान पूरे उत्तराखंड में चलाया जाएगा।
Q. अभियान का मुख्य मुद्दा क्या है?
अभियान में उत्तराखंड के जमीन सौदों में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया जाएगा।
Q. अभियान की घोषणा किसने की?
कांग्रेस ने सोमवार को इस अभियान की घोषणा की।
Q. क्या अभियान के कार्यक्रमों का पूरा विवरण जारी हुआ है?
अभियान के कार्यक्रमों, स्थानों और शामिल होने वाले नेताओं का विवरण की जानकारी अभी नहीं है।













