उत्तराखण्ड के ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर करने के लिए 3,172 किमी लंबाई की 528 सड़कों और 19 पुलों के प्रस्ताव आगे बढ़े हैं। ये प्रस्ताव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-चतुर्थ चरण के दूसरे चरण के तहत राज्य सरकार ने दिए हैं।
केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे पत्र में इन प्रस्तावों की मंजूरी प्रक्रिया की जानकारी दी है। पत्र में ग्रामीण सड़क संपर्कता मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना भी की गई है।
प्रस्तावों की मंजूरी प्रक्रिया
राज्य सरकार के सड़क और पुल निर्माण प्रस्तावों पर तकनीकी-आर्थिक समिति की बैठक 30 सितंबर, 2026 को हुई थी। आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद इन्हें अंतिम मूल्यांकन और स्वीकृति के लिए अधिकार प्राप्त समिति के सामने प्रस्तुत किया गया है।
इसका मतलब है कि प्रस्ताव मंजूरी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच चुके हैं। अधिकार प्राप्त समिति की अंतिम स्वीकृति की तारीख की जानकारी अभी नहीं है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री के पत्र के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तराखण्ड के लिए 333 किमी सड़क निर्माण का भौतिक लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए ₹420 करोड़ का वित्तीय आवंटन निर्धारित है।
इस लक्ष्य के मुकाबले अब तक 35 किमी सड़क निर्माण पूरा हुआ है। मदररूट सुदृढ़ीकरण पर ₹210 करोड़ और करीब ₹57 करोड़ का कुल व्यय दर्ज किया गया है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क पर जोर
वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत स्वीकृत 5 सड़क कार्यों में से 44 किमी सड़क निर्माण पूरा हो चुका है। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों की सड़क संपर्कता मजबूत करने में मदद मिलने की बात पत्र में कही गई है।
केंद्र ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार के लगातार ध्यान से मौजूदा कामों में तेजी आएगी। साथ ही, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-चतुर्थ चरण के दूसरे चरण में प्रस्तावित कार्यों को लागू करने के लिए अनुकूल माहौल बनेगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय और भारत सरकार की ओर से उत्तराखण्ड को जरूरी सहयोग और समन्वय उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है। प्रस्तावित सड़कें और पुल ग्रामीण इलाकों के आवागमन से जुड़े विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि योजना के चतुर्थ चरण की स्वीकृति से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होगा। उनके अनुसार, इससे दूरस्थ और सीमावर्ती इलाकों में आवागमन बेहतर होने के साथ ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
निष्कर्ष
उत्तराखण्ड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दूसरे चरण के तहत 528 सड़कों और 19 पुलों के प्रस्ताव अंतिम मूल्यांकन और स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 333 किमी सड़क निर्माण और ₹420 करोड़ का लक्ष्य तय है, जबकि सीमावर्ती क्षेत्रों में 44 किमी काम पूरा हो चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. उत्तराखण्ड में कितनी सड़कें और पुल प्रस्तावित हैं?
3,172 किमी लंबाई की 528 सड़कें और 19 पुल प्रस्तावित हैं।
Q. ये प्रस्ताव किस योजना के तहत हैं?
ये प्रस्ताव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-चतुर्थ चरण के दूसरे चरण के तहत हैं।
Q. प्रस्तावों पर तकनीकी-आर्थिक समिति की बैठक कब हुई?
तकनीकी-आर्थिक समिति की बैठक 30 सितंबर, 2026 को हुई थी।
Q. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सड़क निर्माण का लक्ष्य क्या है?
उत्तराखण्ड के लिए 333 किमी सड़क निर्माण का भौतिक लक्ष्य तय किया गया है।
Q. इस लक्ष्य के लिए कितना वित्तीय आवंटन है?
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹420 करोड़ का वित्तीय आवंटन निर्धारित है।
Q. अब तक कितना सड़क निर्माण पूरा हुआ है?
अब तक 35 किमी सड़क निर्माण पूरा हुआ है।
Q. वाइब्रेंट विलेजेज कार्यक्रम के तहत कितना काम पूरा हुआ?
कार्यक्रम के तहत स्वीकृत 5 सड़क कार्यों में से 44 किमी सड़क निर्माण पूरा हो चुका है।













