उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कक्षा 12 के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को घर से मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। इस सुविधा में एनडीए, सीडीएस, एसएससी, रक्षा सेवाओं और दूसरे क्षेत्रों की परीक्षाओं की तैयारी शामिल होगी।

धामी के मुताबिक, ऐसी कोचिंग के लिए आमतौर पर Rs 50,000-60,000 तक खर्च आता है। राज्य सरकार यह सुविधा छात्रों को बिना शुल्क उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि योजना के पहले साल उत्तराखंड में 10,000 छात्रों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कक्षा 12 के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के संदर्भ में की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आवेदन प्रक्रिया, पात्रता की विस्तृत शर्तें, कोचिंग शुरू होने की तारीख या चयन का तरीका नहीं बताया गया है।

इस सुविधा का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ सकता है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। ऑनलाइन माध्यम से घर से पढ़ाई की सुविधा मिलने पर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए राज्य के बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। यह असर योजना के वास्तविक क्रियान्वयन और उपलब्ध पाठ्यक्रम पर निर्भर करेगा।

नकल रोकने पर भी मुख्यमंत्री का जोर

धामी ने राज्य के कड़े नकल-विरोधी कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह कानून पूरे देश के लिए उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री ने छात्रों और अभिभावकों से भरोसा रखने की अपील की कि मेहनत और अच्छी तैयारी के बाद किसी की प्रतिभा, मेहनत या मेरिट को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नकल माफिया को छात्रों की मेहनत का फल छीनने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह मुख्यमंत्री का बयान है; उपलब्ध सामग्री में कानून के तहत हुई कार्रवाई या इसके आंकड़े नहीं दिए गए हैं।

छात्रों के लिए अगला महत्वपूर्ण कदम

फिलहाल इस योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। छात्रों और अभिभावकों को आवेदन, चयन, कक्षाओं, विषयों और पंजीकरण से जुड़ी आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। उपलब्ध घोषणा के अनुसार, पहले साल 10,000 छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की योजना है।

निष्कर्ष

उत्तराखंड सरकार कक्षा 12 के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले 10,000 छात्रों को पहले साल मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने महंगी कोचिंग की जगह सरकारी सुविधा और नकल रोकने की नीति पर जोर दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. उत्तराखंड में मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग किसे मिलेगी?

कक्षा 12 के बाद एनडीए, सीडीएस, एसएससी, रक्षा सेवाओं और दूसरे प्रतियोगी क्षेत्रों की तैयारी करने वाले छात्रों को यह सुविधा देने की बात कही गई है।

Q. पहले साल कितने छात्रों को योजना में शामिल किया जाएगा?

मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले साल राज्य में 10,000 छात्रों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

Q. इस कोचिंग के लिए छात्रों को कितनी फीस देनी होगी?

मुख्यमंत्री ने इसे मुफ्त उपलब्ध कराने की बात कही है।

Q. ऐसी कोचिंग पर आमतौर पर कितना खर्च आता है?

धामी ने कहा कि ऐसी कोचिंग की लागत आमतौर पर Rs 50,000-60,000 होती है।

Q. क्या आवेदन प्रक्रिया की जानकारी जारी हुई है?

उपलब्ध जानकारी में आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और चयन का तरीका नहीं बताया गया है।

Q. मुख्यमंत्री ने नकल रोकने के बारे में क्या कहा?

उन्होंने कहा कि राज्य का कड़ा नकल-विरोधी कानून पूरे देश के लिए उदाहरण बन गया है और नकल माफिया को छात्रों की मेहनत का फल छीनने नहीं दिया जाएगा।