चंपावत जिले में लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आ रहे सरकारी भवनों को ग्रामीणों के काम में लाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासन अब ऐसी परिसंपत्तियों की स्थिति और आसपास की जरूरतों का आकलन कर उपयोग की योजना बनाएगा।

जिला सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों से अनुपयोगी भवनों का चिह्नांकन करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि हर भवन के लिए स्थानीय जरूरत के मुताबिक व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए।

किन कामों में इस्तेमाल की संभावना

बैठक में स्वयं सहायता समूहों के लिए वितरण केंद्र बनाने का विकल्प रखा गया। इसके साथ ही मशरूम उत्पादन केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र और लाइब्रेरी शुरू करने पर भी चर्चा हुई।

प्रशासन के अनुसार, किसी क्षेत्र की जरूरत के आधार पर इन भवनों में दूसरी जनोपयोगी गतिविधियां भी चलाई जा सकती हैं। इसका उद्देश्य खाली पड़ी सरकारी परिसंपत्तियों का उपयोग ग्रामीण सुविधाओं को बढ़ाने में करना है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को केवल भवनों की सूची बनाने के बजाय उनकी मौजूदा स्थिति और स्थानीय मांग का मूल्यांकन करने को कहा। इसी आकलन के आधार पर आगे की योजना तैयार की जाएगी।

बैठक में डीएफओ धिनो पुरुषोत्तमन, प्रभारी सीडीओ अजय सिंह, एडीएम केएन गोस्वामी और एपीडी विम्मी जोशी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सभी बीडीओ वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

निष्कर्ष

चंपावत प्रशासन खाली सरकारी भवनों को ग्रामीण उपयोग से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। आगे की कार्ययोजना भवनों की स्थिति और क्षेत्रीय जरूरत के आकलन पर आधारित होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. चंपावत में खाली सरकारी भवनों को लेकर क्या फैसला हुआ?

प्रशासन ने इन भवनों का चिह्नांकन कर उन्हें ग्रामीणों के उपयोग में लाने की योजना बनाने का फैसला किया है।

Q. इन भवनों में कौन-कौन सी गतिविधियां शुरू हो सकती हैं?

स्वयं सहायता समूहों के वितरण केंद्र, मशरूम उत्पादन केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र और लाइब्रेरी शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

Q. क्या सभी भवनों में एक जैसी गतिविधियां होंगी?

नहीं, उपयोग स्थानीय जरूरत और संबंधित भवन की स्थिति के आकलन के आधार पर तय किया जाएगा।

Q. अधिकारियों को क्या निर्देश दिए गए हैं?

उन्हें हर अनुपयोगी परिसंपत्ति की स्थिति और क्षेत्र की जरूरत का आकलन कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

Q. बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?

बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सभी बीडीओ वर्चुअल माध्यम से जुड़े।