अल्मोड़ा के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और 26 हजार रुपये प्रति माह वेतन देने की मांग उठाई।

धरना स्थल पर आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें मिलने वाले 3,300 रुपये के प्रोत्साहन भत्ते का भुगतान पूर्व की व्यवस्था की तरह सीधे सरकार की ओर से किया जाना चाहिए। उन्होंने इस भुगतान व्यवस्था को फिर लागू करने की मांग की।

पेंशन और एकमुश्त पैकेज की मांग

कार्यकर्ताओं ने रिटायरमेंट के बाद सामाजिक सुरक्षा के तहत मासिक पेंशन देने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि जब तक विभाग पेंशन स्कीम लागू नहीं करता, तब तक सेवामुक्त होने वाली प्रत्येक कार्यकर्ता को 10 लाख रुपये का एकमुश्त आर्थिक पैकेज दिया जाए।

आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे वर्षों से अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रही हैं। उनका आरोप है कि सरकार लगातार उनकी उपेक्षा कर रही है। उन्होंने मांगों पर जल्द शासनादेश जारी करने की अपील की।

प्रदर्शन में संगठन की अध्यक्ष विजय लक्ष्मी के साथ देवकी बिष्ट, नीमा जोशी, प्रतिभा नेगी, किरन साह, रूपा आर्या, कल्पना जोशी, हंसी देवी, सरोजनी, उमा आगरी, शांति टम्टा और ममता आर्या समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

निष्कर्ष

अल्मोड़ा में आशा कार्यकर्ताओं ने 26 हजार रुपये मासिक वेतन, 3,300 रुपये के प्रोत्साहन भत्ते का सरकारी भुगतान और सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा की मांग उठाई। उन्होंने पेंशन स्कीम लागू होने तक 10 लाख रुपये के एकमुश्त पैकेज और जल्द शासनादेश की मांग की।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कहां किया?

चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

Q. आशा कार्यकर्ताओं की मुख्य वेतन मांग क्या है?

उन्होंने 26 हजार रुपये प्रति माह वेतन देने की मांग की है।

Q. 3,300 रुपये के प्रोत्साहन भत्ते को लेकर क्या मांग है?

कार्यकर्ताओं ने कहा कि 3,300 रुपये का प्रोत्साहन भत्ता सीधे सरकार की ओर से दिया जाना चाहिए।

Q. रिटायरमेंट के बाद आशा कार्यकर्ता क्या चाहती हैं?

उन्होंने सामाजिक सुरक्षा के तहत मासिक पेंशन देने की मांग की है।

Q. पेंशन स्कीम लागू होने तक क्या मांग रखी गई है?

कार्यकर्ताओं ने सेवामुक्त होने वाली प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को 10 लाख रुपये का एकमुश्त आर्थिक पैकेज देने की मांग की है।