उत्तरकाशी के गोमुख ट्रैक पर पर्यटकों और ट्रैकर्स की आवाजाही अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है। गंगोत्री नेशनल पार्क ने यह फैसला हाल में हुई अधिक बर्फबारी, हिमस्खलन के खतरे और कई जगह रास्ता क्षतिग्रस्त होने के बाद लिया है।

बीते बृहस्पतिवार और शुक्रवार को गोमुख ट्रैक पर भारी बर्फबारी हुई। इसके बाद भोजबासा और तपोवन क्षेत्र में रास्ते पर बर्फ जमा है। कई स्थानों पर ट्रैक को नुकसान पहुंचने से आवाजाही और मुश्किल हो गई है।

7 ट्रैकर्स से संपर्क, सभी सुरक्षित

गंगोत्री नेशनल पार्क के अनुसार, बर्फबारी के कारण भोजबासा और तपोवन क्षेत्र में 7 ट्रैकर्स फंसे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी से संपर्क हो गया है और वे सुरक्षित स्थान पर हैं। वन विभाग उन्हें गंगोत्री तक पहुंचाने के प्रयास कर रहा है।

रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि हिमस्खलन सहित दूसरे जोखिमों को देखते हुए गोमुख ट्रैक पर अनिश्चितकालीन अस्थायी रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि मौसम और ट्रैक पर आवाजाही की स्थिति सामान्य होने तक किसी को भी वहां जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस रोक का सीधा असर गोमुख जाने वाले ट्रैकर्स और पर्यटकों पर पड़ेगा। फिलहाल ट्रैक पर पहुंचने की अनुमति नहीं है। दोबारा आवाजाही शुरू करने का फैसला मौसम और रास्ते की स्थिति सामान्य होने के बाद लिया जाएगा।

पहले भी फंसे थे 200 से अधिक पर्वतारोही

बीते सितंबर के अंत में गोमुख और गंगोत्री ग्लेशियर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अधिक बर्फबारी के कारण 200 से अधिक पर्वतारोही अलग-अलग स्थानों पर फंस गए थे। उस दौरान हेली सेवा, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और वन विभाग ने अभियान चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था।

निष्कर्ष

अधिक बर्फबारी, हिमस्खलन के खतरे और क्षतिग्रस्त रास्ते के कारण गोमुख ट्रैक बंद है। 7 फंसे ट्रैकर्स सुरक्षित हैं, जबकि वन विभाग उन्हें गंगोत्री तक लाने की कोशिश कर रहा है। मौसम और रास्ते की स्थिति सामान्य होने तक ट्रैक पर आवाजाही नहीं होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. गोमुख ट्रैक पर रोक क्यों लगाई गई है?

अधिक बर्फबारी, हिमस्खलन के खतरे और कई स्थानों पर ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण रोक लगाई गई है।

Q. रोक कितने समय तक रहेगी?

गोमुख ट्रैक पर अनिश्चितकालीन अस्थायी रोक लगाई गई है। मौसम और रास्ते की स्थिति सामान्य होने तक आवाजाही की अनुमति नहीं होगी।

Q. क्या ट्रैक पर कोई लोग फंसे हैं?

भोजबासा और तपोवन क्षेत्र में 7 ट्रैकर्स फंसे हुए हैं। सभी से संपर्क हो गया है और वे सुरक्षित स्थान पर हैं।

Q. फंसे ट्रैकर्स के लिए क्या किया जा रहा है?

वन विभाग उन्हें गंगोत्री तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

Q. क्या पहले भी इस क्षेत्र में लोग फंसे थे?

हां, सितंबर के अंत में 200 से अधिक पर्वतारोही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फंस गए थे। उन्हें हेली सेवा, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू किया था।