उत्तरकाशी के डुंडा विकासखंड की ग्राम पंचायत जालंग में सड़क की खराब हालत को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने लंबित निर्माण और सुधारीकरण का काम शुरू कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।

ग्राम प्रधान गीता देवी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कहा कि 2 सप्ताह के भीतर सड़क पर ठोस काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर अनशन करने और आगामी विधानसभा चुनाव में वोट न डालने की चेतावनी दी है।

जालंग गांव को धौंतरी-कमद-अंगारखाल-बूढ़ाकेदार मोटर मार्ग से जोड़ने वाली सड़क करीब 3.5 किलोमीटर लंबी है। इसका निर्माण 1978-79 में वन विभाग ने कराया था। ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय से उचित रखरखाव और मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क की हालत अब खराब हो चुकी है।

10 वर्षों से उठ रही हस्तांतरण और डामरीकरण की मांग

ग्रामीण पिछले करीब 10 वर्षों से सड़क को वन विभाग से लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वे सड़क पर डामरीकरण कराने की मांग भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि समस्या का समाधान नहीं होने से गांव के लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।

ग्राम पंचायत जालंग में हुई बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से तय किया कि 2 सप्ताह के भीतर निर्माण और सुधारीकरण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर वास्तविक काम चाहिए।

बैठक में कमद के प्रधान भरत चौहान, भड़कोट के प्रधान महिमानंद, मनीषा देवी और इंदर सिंह पंवार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। अभी प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से ज्ञापन पर कार्रवाई की कोई जानकारी की जानकारी अभी नहीं है।

निष्कर्ष

जालंग के ग्रामीण बदहाल सड़क के निर्माण, सुधारीकरण, डामरीकरण और विभागीय हस्तांतरण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने 2 सप्ताह में काम शुरू नहीं होने पर अनशन और आगामी विधानसभा चुनाव में वोट न डालने की चेतावनी दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. जालंग सड़क की लंबाई कितनी है?

यह सड़क करीब 3.5 किलोमीटर लंबी है। यह जालंग गांव को धौंतरी-कमद-अंगारखाल-बूढ़ाकेदार मोटर मार्ग से जोड़ती है।

Q. सड़क का निर्माण कब हुआ था?

सड़क का निर्माण 1978-79 में वन विभाग ने कराया था।

Q. ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है?

ग्रामीण सड़क का निर्माण और सुधारीकरण कराने के साथ इसे वन विभाग से लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की मांग कर रहे हैं।

Q. ग्रामीणों ने प्रशासन को क्या समयसीमा दी है?

ग्रामीणों ने 2 सप्ताह के भीतर सड़क का काम शुरू कराने की मांग की है।

Q. मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीण क्या करेंगे?

ग्रामीणों ने अनशन करने, आंदोलन तेज करने और आगामी विधानसभा चुनाव में वोट न डालने की चेतावनी दी है।