उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग पर तिलोथ से थलन-मानपुर तक कराए गए डामरीकरण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। करीब 7 किलोमीटर सड़क पर यह काम लोनिवि भटवाड़ी ने लगभग 60 लाख की लागत से कराया था। काम पूरा हुए 15-20 दिन ही बीते हैं, लेकिन सड़क की सतह कई जगह से खराब होने लगी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं। तिलोथ-कुटेटी की ओर, जहां से डामरीकरण शुरू हुआ था, वहां बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। कम समय में सड़क क्षतिग्रस्त होने से निर्माण सामग्री और काम में तय मानकों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने जांच की मांग की
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि डामरीकरण का काम मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच और सरकारी धन के सही इस्तेमाल की मांग उठाई है।
लोगों का कहना है कि नई सड़क का इतने कम समय में खराब होना चिंता का विषय है। सड़क की मौजूदा स्थिति से यह सवाल भी उठ रहा है कि डामरीकरण के दौरान सामग्री और प्रक्रिया की निगरानी किस तरह की गई।
लोनिवि ने ठेकेदार को दिए मरम्मत के निर्देश
लोनिवि भटवाड़ी के सहायक अभियंता स्वराज चौहान ने बताया कि डामरीकरण के तुरंत बाद वाहनों की आवाजाही शुरू होने से कुछ स्थानों पर डामर उखड़ गया। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारी के बयान के मुताबिक, फिलहाल खराब हिस्सों को ठीक कराने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सड़क की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों की मांग जांच से जुड़ी है, जबकि विभाग ने नुकसान की वजह तत्काल वाहनों की आवाजाही बताई है।
निष्कर्ष
तिलोथ से थलन-मानपुर तक करीब 7 किलोमीटर सड़क पर 60 लाख की लागत से हुआ डामरीकरण 15-20 दिन में ही कई जगह खराब हो गया। स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता की जांच मांगी है और लोनिवि ने ठेकेदार को क्षतिग्रस्त हिस्से ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सड़क का डामरीकरण किस मार्ग पर हुआ था?
उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग पर तिलोथ से थलन-मानपुर तक डामरीकरण कराया गया था।
Q. सड़क की लंबाई कितनी है?
डामरीकरण करीब 7 किलोमीटर सड़क पर किया गया था।
Q. डामरीकरण पर कितनी लागत आई?
इस काम पर लगभग 60 लाख खर्च किए गए हैं।
Q. सड़क कब खराब होने लगी?
काम पूरा होने के 15-20 दिन बाद सड़क पर कई जगह गड्ढे उभरने लगे।
Q. सड़क की गुणवत्ता पर किसने सवाल उठाए?
स्थानीय लोगों ने डामरीकरण की गुणवत्ता और तय मानकों के पालन पर सवाल उठाए हैं।
Q. लोनिवि ने क्या कार्रवाई की है?
लोनिवि भटवाड़ी के सहायक अभियंता स्वराज चौहान ने संबंधित ठेकेदार को क्षतिग्रस्त हिस्से ठीक करने के निर्देश दिए हैं।








