उत्तरकाशी में 2 अलग-अलग मामलों में एक युवक और एक छात्रा लंबे समय से लापता हैं। मुजफ्फरनगर निवासी 34 वर्षीय मुकुल साहनी 14 अक्टूबर से गायब हैं। पुलिस गंगोत्री मार्ग और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश कर रही है। वहीं, हल्द्वानी निवासी 24 वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे 29 मई को दयारा बुग्याल से लापता हुई थीं। उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।

मुकुल साहनी की गंगोत्री मार्ग पर तलाश

मुकुल साहनी 13 अक्टूबर को उत्तरकाशी के उजेली स्थित बाबा पीररतन नाथ जी की दरगाह में दर्शन करने पहुंचे थे। वह रात में दरगाह में रुके थे। दरगाह के प्रधान सेवक अंकित उप्पल के अनुसार, मुकुल 14 अक्टूबर की सुबह घर लौटने की बात कहकर वहां से निकले थे। इसके बाद उनका परिवार से संपर्क नहीं हुआ।

परिवार ने 17 अक्टूबर को उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। मुकुल के ससुर चांद सचदेवा और पत्नी के भाई विपिन सचदेवा भी उनकी तलाश के लिए उत्तरकाशी पहुंचे हैं। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में मुकुल गंगोत्री की ओर पैदल जाते दिखाई दिए हैं।

परिजनों ने गर्मपानी-गणेशपुर के पास गंगोत्री क्षेत्र से नीचे आती एक यात्री बस के फुटेज का हवाला दिया है। उनका आशंका है कि मुकुल इस बस में सवार हुए हो सकते हैं। हालांकि, बस में लगे कैमरों की फुटेज की जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी।

पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली उत्तरकाशी के प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि मुकुल की तलाश के लिए पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।

बबीता पांडे की तलाश में कई एजेंसियां जुटीं

हल्द्वानी की 24 वर्षीय एमबीए छात्रा बबीता पांडे 29 मई को दयारा बुग्याल के बेस कैंप गोई से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई थीं। मामले में उनके साथ मौजूद 2 पुरुष साथियों से भी पूछताछ की गई थी।

बबीता की तलाश के लिए पुलिस ने करीब एक महीने तक दयारा बुग्याल और आसपास के क्षेत्रों में सघन अभियान चलाया। क्षेत्र का हेलीकॉप्टर से भी सर्वेक्षण किया गया। पुलिस के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीमें भी अभियान में शामिल थीं।

इन प्रयासों के बावजूद बबीता का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों मामलों में तलाश जारी है और मुकुल के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य सुरागों की जांच कर रही है।

निष्कर्ष

उत्तरकाशी में मुकुल साहनी और बबीता पांडे के लापता होने के मामलों में अब तक कोई पुख्ता सुराग सामने नहीं आया है। मुकुल की तलाश गंगोत्री मार्ग पर जारी है, जबकि बबीता के मामले में कई एजेंसियों के अभियान के बाद भी जानकारी नहीं मिल सकी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मुकुल साहनी कब से लापता हैं?

मुकुल साहनी 14 अक्टूबर से लापता हैं। वह 13 अक्टूबर को उत्तरकाशी पहुंचे थे।

Q. मुकुल साहनी को आखिरी बार कहां देखा गया था?

उन्हें सीसीटीवी फुटेज में गंगोत्री की ओर पैदल जाते देखा गया है।

Q. क्या मुकुल साहनी के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है?

हां, पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है।

Q. मुकुल साहनी की तलाश कहां की जा रही है?

पुलिस गंगोत्री मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में उनकी तलाश कर रही है।

Q. बबीता पांडे कब लापता हुई थीं?

बबीता पांडे 29 मई को दयारा बुग्याल के बेस कैंप गोई से लापता हुई थीं।

Q. बबीता पांडे की तलाश में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं?

पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीमें तलाश में शामिल थीं।

Q. क्या बबीता पांडे का अब तक कोई सुराग मिला है?

नहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार बबीता पांडे का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।