मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से उत्तराखण्ड ने कई क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इंडिया की राज्यों की रैंकिंग में प्रदेश को ‘लीडर’ श्रेणी मिली है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, नीति आयोग के एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में भी उत्तराखण्ड देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहा। इस सूचकांक में उत्तराखण्ड ने केरल के साथ संयुक्त रूप से सर्वोच्च स्कोर हासिल किया।

रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उनके मुताबिक, यह बढ़ोतरी स्थानीय स्तर पर आजीविका और रोजगार के अवसरों के लगातार बढ़ने का संकेत है।

रिवर्स पलायन का मुद्दा उत्तराखण्ड में लंबे समय से अहम रहा है। मुख्यमंत्री ने इस आंकड़े को प्रदेश में स्थानीय अवसरों के विस्तार से जोड़ते हुए सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया।

निवेश और कारोबारी व्यवस्था में उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सिंगल विंडो सिस्टम को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में सम्मानित किया गया है। यह व्यवस्था निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को एकीकृत तरीके से आगे बढ़ाने के लिए राज्य की कारोबारी व्यवस्था का हिस्सा है।

भारत सरकार के राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखण्ड को श्रेणी-सी में देश में दूसरा स्थान मिला है। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में प्रदेश को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में जगह मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उपलब्धियां सुशासन, पारदर्शी व्यवस्था, निवेश के अनुकूल माहौल और आधारभूत सुविधाओं के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती हैं।

लोक-संस्कृति के संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अखिल गढ़वाल सभा समेत प्रदेश की सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाएं उत्तराखण्ड की लोक-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में आगे भी योगदान देती रहेंगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश के श्रेष्ठ राज्यों में शामिल करने के ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस लक्ष्य के लिए प्रदेशवासियों के सहयोग, सहभागिता और आशीर्वाद को महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, अखिल गढ़वाल सभा के पदाधिकारी, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रसिद्ध लोक गायक श्री नरेंद्र सिंह नेगी और श्रीमती संगीता ढोंडियाल समेत अन्य लोक कलाकार भी कार्यक्रम में शामिल हुए। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, युवा और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी उपस्थित थे।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड की स्टार्टअप, सतत विकास, निवेश, खनन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने 44 प्रतिशत बढ़े रिवर्स पलायन को स्थानीय रोजगार और आजीविका के अवसरों के विस्तार का संकेत बताया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. स्टार्टअप इंडिया की राज्यों की रैंकिंग में उत्तराखण्ड को कौन-सी श्रेणी मिली?

उत्तराखण्ड को ‘लीडर’ श्रेणी में स्थान मिला है।

Q. एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखण्ड का प्रदर्शन कैसा रहा?

उत्तराखण्ड देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल रहा और केरल के साथ संयुक्त रूप से सर्वोच्च स्कोर प्राप्त किया।

Q. प्रदेश में रिवर्स पलायन कितने प्रतिशत बढ़ा?

पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

Q. सिंगल विंडो सिस्टम को कौन-सी मान्यता मिली?

राज्य की सिंगल विंडो सिस्टम को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में सम्मानित किया गया।

Q. राज्य खनन तत्परता सूचकांक में उत्तराखण्ड का स्थान क्या रहा?

श्रेणी-सी में उत्तराखण्ड को देश में दूसरा स्थान मिला।

Q. लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में प्रदेश को कौन-सी श्रेणी मिली?

लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में उत्तराखण्ड को ‘अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला।

Q. मुख्यमंत्री ने सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं से क्या अपेक्षा जताई?

उन्होंने उत्तराखण्ड की लोक-संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में इन संस्थाओं के योगदान को जारी रखने की अपेक्षा जताई।