नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विशेष श्रेणी के राज्यों में दूसरा स्थान मिला है। यह स्थान रिन्यूएबल एनर्जी स्टेट असेसमेंट फ्रेमवर्क (RE-SAF) के तहत मिला है। इस फ्रेमवर्क को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विकसित किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में यह प्रदर्शन उत्तराखंड की मजबूत पहचान को दर्शाता है।
स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री के अनुसार, देश स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इस दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है।
गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का यह लक्ष्य देश की स्वच्छ ऊर्जा नीति से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उत्तराखंड की प्राकृतिक और सौर क्षमता का इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की प्राकृतिक और सौर ऊर्जा क्षमता का प्रभावी उपयोग करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का प्रयास विकास की गति बनाए रखने के साथ देवभूमि के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण की सुरक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि RE-SAF के तहत मिली यह उपलब्धि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आगे और ज्यादा प्रतिबद्धता के साथ काम करने की प्रेरणा देती है। राज्य की रैंकिंग के लिए इस्तेमाल किए गए अलग-अलग मानकों या स्कोर का विवरण की जानकारी अभी नहीं है।
उत्तराखंड की भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियों को देखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा राज्य के विकास और पर्यावरण संरक्षण, दोनों से जुड़ा विषय है। मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, आगे का फोकस प्राकृतिक और सौर ऊर्जा क्षमता के इस्तेमाल तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखने के बीच संतुलन बनाने पर रहेगा।
निष्कर्ष
RE-SAF के तहत उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विशेष श्रेणी के राज्यों में दूसरा स्थान मिला है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की उपलब्धि बताते हुए स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. उत्तराखंड को किस क्षेत्र में उपलब्धि मिली है?
उत्तराखंड को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्धि मिली है।
Q. उत्तराखंड को कौन-सा स्थान मिला है?
उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विशेष श्रेणी के राज्यों में दूसरा स्थान मिला है।
Q. यह स्थान किस फ्रेमवर्क के तहत मिला है?
यह स्थान रिन्यूएबल एनर्जी स्टेट असेसमेंट फ्रेमवर्क यानी RE-SAF के तहत मिला है।
Q. RE-SAF किसने विकसित किया है?
RE-SAF को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विकसित किया है।
Q. वर्ष 2030 के लिए देश का गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता लक्ष्य क्या है?
भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है।
Q. उत्तराखंड में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए किन क्षमताओं के इस्तेमाल की बात कही गई है?
राज्य की प्राकृतिक और सौर ऊर्जा क्षमता के प्रभावी उपयोग की बात कही गई है।
Q. विकास के साथ किस बात को सुरक्षित रखने पर जोर है?
विकास की गति के साथ देवभूमि के प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण को सुरक्षित रखने पर जोर है।













