उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटे नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। यदि किसी मतदाता का नाम सुनवाई में शामिल न होने के कारण काटा गया है, तो ईआरओ या एईआरओ उसे अपने स्तर से दोबारा नहीं जोड़ पाएंगे।

प्रदेश में करीब 95,000 मतदाताओं की आपत्तियों पर सुनवाई के दौरान कोई उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद उनके नाम फॉर्म-7 में शामिल कर दिए गए। इसका मतलब है कि ये नाम मतदाता सूची से हट चुके हैं। गलती से नाम कटने की स्थिति में भी संबंधित अधिकारी सीधे बहाली नहीं कर सकते।

एसआईआर के तहत कुल 1.73 लाख आपत्तियां दर्ज की गईं। इनमें करीब 20 हजार आपत्तियों को ईआरओ और एईआरओ ने फर्जी पाकर अपने स्तर से खारिज किया। बाकी मामलों में सुनवाई और दस्तावेजों की स्थिति के आधार पर कार्रवाई की गई।

फॉर्म-6 से फिर मिलेगा मौका

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नाम जुड़वाने के लिए सभी संबंधित लोगों को नए सिरे से फॉर्म-6 भरने का अवसर मिलेगा। अभी जमा किए जा रहे नए फॉर्म-6 पर कार्रवाई 3 अक्तूबर के बाद होगी।

एसआईआर में आपत्तियों के निस्तारण की अंतिम समयसीमा 28 सितंबर है। इसके बाद 3 अक्तूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम अंतिम मतदाता सूची जारी करेंगे। इसी सूची से यह साफ होगा कि कितने नाम और किस वजह से हटे हैं।

नए मतदाताओं के आवेदन भी शामिल होंगे

एसआईआर की तय अवधि में प्रदेशभर से करीब सवा लाख नए मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 जमा किए गए हैं। इन आवेदनों के साथ घोषणा पत्र भी दिए गए हैं। घोषणा पत्र में वर्ष 2003 के वोट से जुड़ी जानकारी शामिल की गई है। तय अवधि में मिले इन आवेदनों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोगों से अपील की है कि अंतिम सूची जारी होने के बाद वे अपना नाम जरूर जांच लें। जिनका नाम सूची में नहीं होगा, वे इसके बाद फॉर्म-6 के जरिए आवेदन कर सकेंगे।

जिलों में सुपर चेकिंग जारी

एसआईआर की सुपर चेकिंग के लिए शनिवार को निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कई जिलों का दौरा किया। यह निरीक्षण मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देश पर किया गया। अधिकारियों ने मौके पर फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से जुड़ी प्रक्रिया की समीक्षा की।

संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चंद्र दुम्का और उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी ने हरिद्वार का भ्रमण किया। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निष्कर्ष

अंतिम मतदाता सूची जारी होने तक नाम कटने की पूरी तस्वीर सामने नहीं आएगी। जिन लोगों का नाम गलती से हट गया है, उन्हें 3 अक्तूबर के बाद नए फॉर्म-6 से दोबारा आवेदन करना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. एसआईआर में कितने मतदाताओं के नाम हटे हैं?

करीब 95,000 मतदाताओं की आपत्तियों की सुनवाई में कोई उपस्थित नहीं हुआ। उनके नाम फॉर्म-7 में शामिल किए गए हैं।

Q. क्या ईआरओ कटे हुए नाम को सीधे वापस जोड़ सकते हैं?

नहीं। ईआरओ और एईआरओ अपने स्तर से ऐसे नाम दोबारा नहीं जोड़ सकते।

Q. नाम कटने के बाद मतदाता क्या कर सकते हैं?

अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद नए सिरे से फॉर्म-6 भरकर मतदाता बनने के लिए आवेदन किया जा सकता है।

Q. अंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम 3 अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी करेंगे।

Q. नए फॉर्म-6 पर कार्रवाई कब होगी?

अभी भरे जा रहे नए फॉर्म-6 पर 3 अक्तूबर के बाद कार्रवाई की जाएगी।

Q. एसआईआर के दौरान कितनी आपत्तियां दर्ज हुईं?

प्रदेश में एसआईआर के दौरान 1.73 लाख आपत्तियां दर्ज की गईं। इनमें करीब 20 हजार आपत्तियां फर्जी पाई गईं।