उत्तराखंड के मैदानी इलाकों के कुछ जिलों में लंपी स्किन डिजीज के लक्षण दिखने के बाद पशुपालन विभाग ने रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है. जिले में भी टीमें गठित कर गांव-गांव जागरूकता, टीकाकरण और दवा वितरण चलाया जा रहा है. रुद्रप्रयाग जिले में लगभग 2 दर्जन टीमें सक्रिय हैं जो लोगों को बीमारी से बचाव के उपाय बताते हुए टीकाकरण और दवा पहुंचाने का काम कर रहे हैं.

पशु पालन विभाग ने किसानों से आग्रह किया कि वे लंपी और अन्य परजीवी से बचाव के लिए जरूरी दवाएं अपने निकटतम पशु चिकित्सालय से प्राप्त करें और टीकाकरण अनिवार्य करवाएं. बीमारी के लक्षण सामने आने पर तुरंत निकटतम पशु चिकित्सालय या विभाग को सूचना दें.