उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल के पर्वतीय रास्तों पर सुरक्षा और सफाई से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने खुर्पाताल व्यू पॉइंट और अन्य खतरनाक मोड़ों पर 15 दिन के भीतर सुरक्षा जाली लगाने को कहा है।
इस कदम का मकसद पहाड़ी मार्गों के जोखिम वाले हिस्सों में सुरक्षा बढ़ाना है। आदेश के दायरे में खुर्पाताल व्यू पॉइंट के साथ वे अन्य मोड़ भी शामिल हैं, जिन्हें सुनवाई के दौरान खतरनाक बताया गया।
ठेले और फूड वैन दूसरी जगह भेजे गए
प्रशासन ने अदालत में दाखिल हलफनामे में बताया कि बारापत्थर और खुर्पाताल के आसपास लगे अस्थायी ठेले हटा दिए गए हैं। मोबाइल फूड वैन को भी नारायण नगर पार्किंग में स्थानांतरित करने की जानकारी दी गई है।
प्रशासन के अनुसार, सड़कों और पर्यटक स्थलों की सफाई के लिए हफ्ते में 2 बार मैकेनिकल वेस्ट मैनेजमेंट शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य इन इलाकों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर करना है।
प्लास्टिक रोक पर कोर्ट ने मांगी स्थिति
याचिकाकर्ता के वकील पंकज मिगलानी ने प्रशासन के हलफनामे पर आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि पहले दिए गए अदालत के आदेशों का पालन हलफनामे में स्पष्ट नहीं किया गया है।
उन्होंने सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक के बावजूद उसके इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि प्लास्टिक का इस्तेमाल जारी रहने से प्रदूषण बढ़ रहा है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के वकील को आदेशों के पालन और प्लास्टिक बैन की मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने के लिए 3 हफ्ते का समय दिया है। अदालत ने इस मामले में दावों की मौके पर जांच कराने का भी निर्देश दिया।
कोर्ट कमिश्नर करेंगे मौके की जांच
कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नर को संबंधित स्थानों का निरीक्षण करने को कहा है। वे हलफनामे में प्रशासन की ओर से बताए गए कामों और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जांचेंगे।
इस जांच से यह स्पष्ट होगा कि सुरक्षा जाली लगाने, ठेले और फूड वैन हटाने तथा सफाई व्यवस्था से जुड़े दावे मौके पर कितने सही हैं।
फूड वैन संचालकों की अर्जी खारिज
सुनवाई के दौरान मोबाइल फूड वैन संचालकों ने ‘रीकॉल’ अर्जी दाखिल की थी। उनका कहना था कि नारायण नगर पार्किंग में पर्यटकों की संख्या कम रहती है और इससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।
हाईकोर्ट ने संचालकों की यह अर्जी पूरी तरह खारिज कर दी। इसके साथ ही वैन को नारायण नगर पार्किंग में रखने की व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ।
निष्कर्ष
नैनीताल के जोखिम वाले मोड़ों पर 15 दिन में सुरक्षा जाली लगाने और प्रशासनिक दावों की मौके पर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्लास्टिक रोक और पुराने आदेशों के पालन पर राज्य सरकार को 3 हफ्ते में स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हाईकोर्ट ने सुरक्षा जाली कहां लगाने को कहा है?
खुर्पाताल व्यू पॉइंट और नैनीताल के अन्य खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा जाली लगाने का निर्देश दिया गया है।
Q. सुरक्षा जाली कब तक लगानी है?
हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार, सुरक्षा जाली 15 दिन के भीतर लगाई जानी है।
Q. अस्थायी ठेले और मोबाइल फूड वैन को कहां भेजा गया?
बारापत्थर और खुर्पाताल के पास के अस्थायी ठेले हटाए गए हैं। मोबाइल फूड वैन को नारायण नगर पार्किंग में भेजा गया है।
Q. नैनीताल में सफाई के लिए क्या व्यवस्था शुरू हुई है?
प्रशासन ने सड़कों और पर्यटक स्थलों के लिए हफ्ते में 2 बार मैकेनिकल वेस्ट मैनेजमेंट शुरू करने की जानकारी दी है।
Q. प्लास्टिक रोक पर हाईकोर्ट ने क्या किया?
राज्य सरकार के वकील को प्लास्टिक बैन की स्थिति और पहले के आदेशों के पालन पर 3 हफ्ते में जानकारी देने को कहा गया है।
Q. कोर्ट कमिश्नर को क्या जिम्मेदारी दी गई है?
कोर्ट कमिश्नर मौके पर जाकर हलफनामे में किए गए प्रशासनिक दावों की सच्चाई जांचेंगे।
Q. मोबाइल फूड वैन संचालकों की अर्जी का क्या हुआ?
हाईकोर्ट ने उनकी ‘रीकॉल’ अर्जी पूरी तरह खारिज कर दी। संचालकों ने नारायण नगर पार्किंग में कम पर्यटक आने से रोजी-रोटी प्रभावित होने की दलील दी थी।








