मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों को मिल रहा है। होमस्टे, होटल, परिवहन और पर्यटन से जुड़ी दूसरी गतिविधियों के जरिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में स्टार्टअप की संख्या पहले लगभग 700 थी, जो अब बढ़कर लगभग 2,200 हो गई है। इसी तरह होमस्टे की संख्या लगभग 4 हजार से बढ़कर 8 हजार से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, होटल कारोबार और पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी लगातार विस्तार हो रहा है।
पर्यटन और स्थानीय आजीविका
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन के नए अवसरों के साथ युवाओं, महिलाओं और स्थानीय उद्यमियों के लिए आजीविका के रास्ते खुल रहे हैं। राज्य को पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सम्मान मिलने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में मजबूत हो रही है। मसूरी, रामनगर और मुक्तेश्वर जैसे स्थानों के अलावा नए वेडिंग डेस्टिनेशन भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय लोगों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, वर्ष 2021 की तुलना में राज्य का बजट काफी बढ़ा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास गतिविधियों में भी तेजी आई है।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की उपलब्धियों का प्रमाण बताया।
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के सामने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी जिम्मेदारी है। गंगा और यमुना जैसी नदियों का उद्गम स्थल होने के साथ राज्य देश को जल, जीवन और प्राकृतिक संसाधन देता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है। राज्य में हिमालय, ग्लेशियर, वन संपदा और समृद्ध जैव विविधता मौजूद है। इसलिए उत्तराखंड की जिम्मेदारी केवल अपने पर्यावरण को बचाने तक सीमित नहीं है। राज्य को देश और दुनिया के पर्यावरणीय संतुलन में भी योगदान देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में आपदाओं को केवल अनियोजित निर्माण से जोड़ना उचित नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे दुर्गम इलाकों में भी बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जहां दूर-दूर तक निर्माण कार्य नहीं हुए थे। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान वृद्धि को भी इन घटनाओं के महत्वपूर्ण कारणों में शामिल किया।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी केवल हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की है। राज्य सरकार ने ऐसा विकास मॉडल अपनाया है, जिसमें इकोलॉजी और इकोनॉमी को एक-दूसरे का विरोधी नहीं, बल्कि पूरक माना गया है।
सांस्कृतिक पहचान और यूसीसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता, देवभूमि की पवित्रता और मूल पहचान को सुरक्षित रखना भी सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का लक्ष्य आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, समृद्ध और अपनी सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा उत्तराखंड सौंपना है।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनकी पार्टी की विचारधारा के प्रमुख संकल्पों में शामिल रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण और देश में समान नागरिक संहिता लागू करने को पार्टी के महत्वपूर्ण संकल्प बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना। लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े यूसीसी प्रावधानों का उद्देश्य किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि ऐसे संबंधों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग
निवेश और विकास परियोजनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग हो चुकी है। इसके अलावा लगभग 24 से 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि निवेश प्रस्ताव केवल कागजों तक सीमित न रहें। इन्हें वास्तविक परियोजनाओं में बदला जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बन सकें।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तराखंड में पर्यटन, स्टार्टअप और निवेश का विस्तार रोजगार के नए अवसर बना रहा है। सरकार विकास को पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय संसाधनों की सुरक्षा के साथ आगे बढ़ाने की बात कह रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. आदि कैलाश क्षेत्र में बढ़ती आवाजाही का स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ा है?
आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से होमस्टे, होटल, परिवहन और दूसरी पर्यटन गतिविधियों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
Q. उत्तराखंड में स्टार्टअप की संख्या कितनी हो गई है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में स्टार्टअप की संख्या पहले लगभग 700 थी, जो अब बढ़कर लगभग 2,200 हो गई है।
Q. राज्य में होमस्टे की संख्या कितनी है?
होमस्टे की संख्या लगभग 4 हजार से बढ़कर 8 हजार से अधिक हो गई है।
Q. उत्तराखंड में नए वेडिंग डेस्टिनेशन कहां विकसित किए जा रहे हैं?
मसूरी, रामनगर और मुक्तेश्वर के साथ-साथ राज्य में नए वेडिंग डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं।
Q. मुख्यमंत्री ने हिमालयी आपदाओं के कौन से कारण बताए?
उन्होंने जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान वृद्धि को महत्वपूर्ण कारण बताया। उन्होंने कहा कि बिना निर्माण वाले दुर्गम क्षेत्रों में भी बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।
Q. उत्तराखंड में निवेश प्रस्तावों की स्थिति क्या है?
मुख्यमंत्री के अनुसार, लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग हो चुकी है। लगभग 24 से 25 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की तैयारी है।
Q. यूसीसी को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्वतंत्र भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना। लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधानों का उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।













