उत्तराखंड विधानसभा के 2 दिवसीय सत्र को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दीवालिखाल बैरियर समेत विधानसभा की ओर जाने वाले कई मार्गों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। 27 अक्टूबर 2026 को जारी एएनआई की जानकारी के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और आंदोलकारियों को रोकने के लिए अलग-अलग स्थानों पर व्यवस्था की है।
दीवालिखाल के एसपी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने बताया कि बैरियर पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है। इसमें सिविल पुलिस, पीएसी, आंसू गैस दस्ता और दमकल वाहन शामिल हैं। तैनात पुलिसकर्मियों को जरूरी ब्रीफिंग भी पूरी कराई जा चुकी है।
कानून-व्यवस्था पर पुलिस का जोर
प्रमोद कुमार के अनुसार, लोगों को अपने विचार कानून के दायरे में रखने का अधिकार है। पुलिस का कहना है कि इस अधिकार का इस्तेमाल शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने या कानून तोड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा की ओर आने वाले रास्तों पर कई जगह बैरिकेड लगाए गए हैं, ताकि आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा सके।
निष्कर्ष
2 दिवसीय विधानसभा सत्र से पहले दीवालिखाल बैरियर और पहुंच मार्गों पर सुरक्षा बल बढ़ाया गया है। पुलिस ने कानून के दायरे में विरोध की अनुमति की बात कही है, जबकि कानून-व्यवस्था तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. उत्तराखंड में सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई है?
2 दिवसीय विधानसभा सत्र को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
Q. सबसे ज्यादा सुरक्षा बल कहां तैनात किया गया है?
दीवालिखाल बैरियर पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
Q. सुरक्षा व्यवस्था में कौन-कौन शामिल हैं?
सिविल पुलिस, पीएसी, आंसू गैस दस्ता और दमकल वाहन सुरक्षा व्यवस्था में शामिल हैं।
Q. क्या पुलिसकर्मियों को ब्रीफिंग दी गई है?
हां, तैनात पुलिसकर्मियों को जरूरी ब्रीफिंग दी जा चुकी है।
Q. क्या लोगों को विरोध करने का अधिकार है?
पुलिस के अनुसार, लोग कानून के दायरे में अपने विचार रख सकते हैं।
Q. कानून-व्यवस्था तोड़ने पर पुलिस का क्या रुख है?
पुलिस ने कानून-व्यवस्था तोड़ने या कानून तोड़ने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।













