कुमाऊं में बिजली वितरण व्यवस्था को बिजली चोरी और लाइन लॉस से बड़ा नुकसान हो रहा है। यूपीसीएल के अनुसार, 11 डिविजनों में एक साल के भीतर 78 से 80 मिलियन यूनिट बिजली का नुकसान हुआ। यह मात्रा करीब 8 करोड़ यूनिट के बराबर है।
सबसे ज्यादा लाइन लॉस हल्द्वानी टाउन में दर्ज किया गया। यहां यह आंकड़ा 17 फीसदी रहा। रामनगर 15 फीसदी लाइन लॉस के साथ दूसरे स्थान पर है। इन आंकड़ों ने बिजली चोरी रोकने और वितरण नेटवर्क सुधारने की चुनौती को सामने रखा है।
किन इलाकों में कितना लाइन लॉस
कुमाऊं जोन में बागेश्वर से जसपुर तक 11 डिविजन शामिल हैं। इनसे जुड़े करीब 7.50 लाख उपभोक्ता रोजाना 8 से 10 एमयू बिजली इस्तेमाल करते हैं। डिविजनवार एक दिन की औसत खपत और लाइन लॉस इस तरह है:
- हल्द्वानी टाउन: 1.00 एमयू खपत, 17% लाइन लॉस
- रामनगर: 0.90 एमयू खपत, 15% लाइन लॉस
- हल्द्वानी ग्रामीण: 1.00 एमयू खपत, 10% लाइन लॉस
- नैनीताल: 0.40 एमयू खपत, 9% लाइन लॉस
- अल्मोड़ा: 0.30 एमयू खपत, 8% लाइन लॉस
- रानीखेत: 0.22 एमयू खपत, 8% लाइन लॉस
- भिकियासैंण: 0.12 एमयू खपत, 7% लाइन लॉस
- बागेश्वर: 0.25 एमयू खपत, 10% लाइन लॉस
- बाजपुर: 1.20 एमयू खपत, 12% लाइन लॉस
- काशीपुर: 2.80 एमयू खपत, 11% लाइन लॉस
- जसपुर: 2.00 एमयू खपत, 13% लाइन लॉस
यह सभी आंकड़े एक दिन की खपत से जुड़े हैं। सूची में सबसे कम लाइन लॉस भिकियासैंण में 7% और सबसे अधिक हल्द्वानी टाउन में 17% दर्ज हुआ।
तकनीकी खराबी और बिजली चोरी का हिस्सा
यूपीसीएल अधिकारियों के मुताबिक 17 फीसदी के अधिकतम लाइन लॉस में करीब 7 फीसदी हिस्सा तकनीकी फॉल्ट का है। बाकी नुकसान को बिजली चोरी से जोड़ा जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने इसे अलग-अलग इलाकों की वितरण व्यवस्था और अनधिकृत इस्तेमाल से जुड़ा बताया है।
घनी आबादी वाले क्षेत्रों में घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन की संख्या ज्यादा है। पुराने बिजली नेटवर्क, ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर और लंबी एलटी लाइनें भी नुकसान बढ़ाने वाले कारणों में शामिल हैं। इन वजहों के साथ बिजली के अनधिकृत इस्तेमाल से यूपीसीएल की आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
फीडर स्तर पर डेटा जुटाएगा यूपीसीएल
ऊर्जा निगम ने अब फीडरवार लाइन लॉस का विवरण जुटाना शुरू किया है। अभी तक यह डेटा बिजलीघर के स्तर पर लिया जाता था। फीडरवार जानकारी से नुकसान वाले हिस्सों की पहचान अधिक स्थानीय स्तर पर किए जाने की उम्मीद है, लेकिन इसके आधार पर आगे की कार्रवाई का विवरण उपलब्ध नहीं है।
यूपीसीएल कुमाऊं के मुख्य अभियंता शेखर त्रिपाठी ने कहा कि विद्युत लाइन लॉस घटाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बिजली चोरी वाले इलाकों में स्मार्ट मीटर जल्द लगाए जाएंगे।
निष्कर्ष
कुमाऊं के 11 डिविजनों में बिजली चोरी, तकनीकी फॉल्ट और पुराने नेटवर्क के कारण करीब 8 करोड़ यूनिट बिजली का नुकसान सामने आया है। यूपीसीएल ने फीडरवार निगरानी और बिजली चोरी वाले इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने को अगला कदम बताया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कुमाऊं में बिजली नुकसान कितना हुआ?
11 डिविजनों में एक साल के दौरान 78 से 80 मिलियन यूनिट, यानी करीब 8 करोड़ यूनिट बिजली का नुकसान हुआ।
Q. सबसे ज्यादा लाइन लॉस किस डिविजन में रहा?
हल्द्वानी टाउन में लाइन लॉस 17 फीसदी रहा, जो सभी 11 डिविजनों में सबसे अधिक है।
Q. रामनगर में लाइन लॉस कितना दर्ज हुआ?
रामनगर डिविजन में लाइन लॉस 15 फीसदी दर्ज किया गया।
Q. लाइन लॉस में तकनीकी फॉल्ट का हिस्सा कितना है?
अधिकतम 17 फीसदी लाइन लॉस में करीब 7 फीसदी हिस्सा तकनीकी फॉल्ट का बताया गया है।
Q. यूपीसीएल नुकसान कम करने के लिए क्या करेगा?
यूपीसीएल फीडरवार लाइन लॉस का डेटा जुटा रहा है। बिजली चोरी वाले क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर जल्द लगाने की बात कही गई है।
Q. कुमाऊं जोन में कितने उपभोक्ता जुड़े हैं?
इन 11 डिविजनों से करीब 7.50 लाख उपभोक्ता जुड़े हैं।











