पौड़ी जिले के खिर्सू ब्लॉक के तरुली गांव में 9 अक्टूबर को महिला की मौत के बाद तलाशे जा रहे गुलदार को वन विभाग ने पकड़ लिया है। 27 दिन बाद गुलदार पिंजरे में कैद हुआ। गुरुवार सुबह टीम ने उसका रेस्क्यू कर नागदेव रेंज पौड़ी पहुंचाया। वहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
महिला की मौत के बाद वन विभाग ने गुलदार को नरभक्षी घोषित किया था। उसे पकड़ने की कोशिशों के साथ अंतिम विकल्प के तौर पर शूट करने के आदेश भी जारी किए गए थे। इसके लिए इलाके में पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए गए थे।
डीएफओ पौड़ी महातिम यादव ने बताया कि घटना के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार काम कर रही थी। इसी दौरान गुलदार पिंजरे में फंस गया। अब नागदेव रेंज में उसकी जांच की जा रही है।
9 अक्टूबर को घास काटने गई महिला पर हमला
बीना देवी (51) तरुली ग्रामसभा के बछेली गांव की रहने वाली थीं। 9 अक्टूबर को शाम करीब 5 बजे वह पालतू मवेशियों के लिए घास काटने गई थीं। घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर गुलदार ने उन पर हमला किया। कुछ समय बाद उनका शव क्षत-विक्षत हालत में मिला था।
घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा को लेकर वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की थी।
ग्रामीणों ने हाईवे पर लगाया था जाम
महिला की मौत के अगले दिन आक्रोशित ग्रामीणों ने खंडाह में श्रीनगर-पौड़ी-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया था। ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़ने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इसके बाद वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित किया था।
25 दिन तक कैमरों में नहीं मिली गतिविधि
वन विभाग ने बछेली, तरुली, अमदार और लगानू क्षेत्र में ट्रैप कैमरे, सोलर कैमरे और पिंजरे लगाए थे। सोमवार को टीम ने इनका निरीक्षण किया, लेकिन कैमरों में गुलदार की कोई गतिविधि नहीं मिली। पदचिह्न तलाशने के लिए बिछाई गई मिट्टी में भी कोई निशान नहीं मिला था।
इस दौरान ग्रामीण शाम होते ही घरों में रहने को मजबूर थे। महिलाएं खेतीबाड़ी और पशुओं के लिए चारा लेने समूह में जा रही थीं। वन विभाग की टीम इलाके में गश्त कर रही थी और बच्चों को विभागीय वाहन से स्कूल पहुंचाया जा रहा था।
गुलदार के पकड़े जाने के बाद उसे नागदेव रेंज ले जाया गया है। फिलहाल वन विभाग की ओर से वहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
निष्कर्ष
तरुली गांव में महिला की मौत के 27 दिन बाद वन विभाग ने उस गुलदार को पिंजरे में पकड़ लिया, जिसे नरभक्षी घोषित किया गया था। उसे नागदेव रेंज पौड़ी ले जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. गुलदार कहां पकड़ा गया?
गुलदार पौड़ी जिले के खिर्सू ब्लॉक के तरुली गांव में पिंजरे में कैद हुआ।
Q. गुलदार को कब पकड़ा गया?
9 अक्टूबर की घटना के 27 दिन बाद गुरुवार सुबह उसका रेस्क्यू किया गया।
Q. गुलदार को कहां ले जाया गया है?
वन विभाग उसे नागदेव रेंज पौड़ी ले गया है।
Q. वहां गुलदार के साथ क्या किया जा रहा है?
नागदेव रेंज में उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
Q. महिला पर हमला कब हुआ था?
बीना देवी पर 9 अक्टूबर को शाम करीब 5 बजे हमला हुआ था।
Q. महिला पर हमला किस जगह हुआ था?
हमला बछेली गांव में उनके घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर हुआ था।
Q. घटना के बाद ग्रामीणों ने क्या किया था?
ग्रामीणों ने अगले दिन खंडाह में श्रीनगर-पौड़ी-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाया था।
Q. गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने क्या इंतजाम किए थे?
विभाग ने इलाके में पिंजरे, ट्रैप कैमरे और सोलर कैमरे लगाए थे।











