चंपावत के पाटी विकासखंड की लधियाघाटी के कुल्यालगांव में बंदर के हमले से 75 वर्षीय अमन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उनके घर के आंगन में हुई। इसके बाद आसपास के गांवों में बंदरों के बढ़ते हमलों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष नवीन रसिला के अनुसार, अमन सिंह घर के आंगन में बैठे थे। इसी दौरान एक बंदर ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं। बताया गया है कि अमन सिंह घर में अकेले रहते हैं।
बच्चों और बुजुर्गों को बाहर निकलने में डर
ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों की लगातार मौजूदगी से रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्कूली बच्चों, कामकाजी महिलाओं और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलते समय डर बना रहता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, धारी क्षेत्र में बंदरों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी बंदरों के हमलों में कई लोग घायल हो चुके हैं। पिछली घटनाओं की संख्या या घायलों का विवरण की जानकारी अभी नहीं है।
ग्रामीण पीयूष टिटगाई, मनीष बिष्ट, भोला सिंह बोहरा, ललित जोशी, शिवराज बोहरा, रमेश और मनोज लोहनी ने घटना पर चिंता जताई। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से बंदरों के आतंक से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने घायल अमन सिंह के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। प्रशासन या वन विभाग की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी अभी नहीं है।
निष्कर्ष
कुल्यालगांव में बुजुर्ग पर हुए हमले के बाद ग्रामीण बंदरों से सुरक्षा और घायल अमन सिंह के लिए आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। अब प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई पर लोगों की नजर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. घटना कहां हुई?
घटना चंपावत के पाटी विकासखंड की लधियाघाटी के कुल्यालगांव में हुई।
Q. बंदर के हमले में कौन घायल हुआ?
75 वर्षीय अमन सिंह बंदर के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
Q. हमला कब हुआ?
उपलब्ध जानकारी में घटना की सटीक तारीख और समय नहीं बताया गया है।
Q. घटना के समय अमन सिंह कहां थे?
बताया गया है कि वह अपने घर के आंगन में बैठे थे।
Q. ग्रामीणों ने क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने बंदरों के आतंक से राहत के लिए प्रशासन और वन विभाग से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने अमन सिंह को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की है।









