आरजेडी नेता मनोज झा ने अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं। एक वीडियो में योजना में संशोधन से जुड़े सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने इसे जल्दबाजी में लिया जाने वाला फैसला बताया।
झा ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह दबाव उत्तराखंड और पंजाब से आ रहा है, जहां चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने यह बात योजना में बदलाव की चर्चा और उससे जुड़े राजनीतिक दबाव के संदर्भ में कही।
उन्होंने ‘4 और 6’ व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। झा ने पूछा कि यह व्यवस्था आखिर क्या है और कहा कि इसे जल्दबाजी तथा पर्याप्त विचार के बिना लागू नहीं किया जाना चाहिए।
सेना और योजना पर मनोज झा की आपत्ति
मनोज झा ने अग्निपथ व्यवस्था को ‘पेड इंटर्नशिप कार्यक्रम’ बताया। उनके अनुसार, ऐसी व्यवस्था भारतीय सेना के शौर्य को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि कम से कम सामान्य समझ रखने वाला कोई व्यक्ति ऐसे बदलावों का समर्थन नहीं कर सकता।
झा की यह टिप्पणी उस सवाल के जवाब में आई, जिसमें उनसे अग्निपथ योजना में संशोधन के बारे में पूछा गया था। उपलब्ध जानकारी में योजना में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक फैसला, अधिसूचना या सरकार का पक्ष शामिल नहीं है।
वीडियो पोस्ट में झा ने अपने बयान के दौरान बदलावों को जल्दबाजी में करने से बचने और पूरे विचार-विमर्श की जरूरत पर जोर दिया। उनका बयान योजना की संरचना और सेना पर उसके असर को लेकर राजनीतिक बहस का हिस्सा है।
निष्कर्ष
मनोज झा ने अग्निपथ योजना में बदलाव की चर्चा का विरोध करते हुए ‘4 और 6’ व्यवस्था पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने इसे जल्दबाजी से जुड़ा फैसला बताया और भारतीय सेना के शौर्य पर इसके असर को लेकर आपत्ति जताई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अग्निपथ योजना में बदलाव पर किसने टिप्पणी की?
आरजेडी नेता मनोज झा ने इस मुद्दे पर टिप्पणी की है।
Q. मनोज झा ने किस व्यवस्था पर सवाल उठाया?
उन्होंने ‘4 और 6’ व्यवस्था पर सवाल उठाया।
Q. झा ने बदलावों को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि बदलाव जल्दबाजी और पर्याप्त विचार के बिना नहीं किए जाने चाहिए।
Q. झा ने किन राज्यों का जिक्र किया?
उन्होंने उत्तराखंड और पंजाब का जिक्र किया और वहां चुनाव होने की बात कही।
Q. क्या सरकार का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध है?
उपलब्ध सामग्री में योजना में बदलाव को लेकर सरकार का कोई आधिकारिक पक्ष या अधिसूचना शामिल नहीं है।













