कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार पर सत्ता केंद्रीकृत करने का आरोप लगाया है। दिल्ली में दिए बयान में उन्होंने कहा कि सरकार के अहम फैसले दूसरों से सलाह लिए बिना लिए जा रहे हैं।

सैलजा के मुताबिक, सरकारी जमीन को UIIDB को हस्तांतरित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में व्यापक परामर्श नहीं किया गया और जमीन का इस्तेमाल निजी पक्षों के लिए किया जा रहा है।

शिक्षण संस्थानों के लिए जमीन का मुद्दा

कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रस्तावित लॉ यूनिवर्सिटी और दूसरे शिक्षण संस्थानों के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है। उनका आरोप है कि सरकारी जमीन निजी पक्षों को उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि शिक्षा से जुड़े संस्थानों के लिए जमीन का इंतजाम नहीं हो पा रहा।

सैलजा ने सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्यों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में प्रधानाचार्यों की गंभीर कमी बनी हुई है। बयान में इस कमी की संख्या या प्रभावित स्कूलों का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया।

राज्यपाल के सामने मुद्दे उठाने की बात

कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस इन सभी चिंताओं को राज्यपाल के सामने रखेगी। उनके बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि राज्यपाल से मुलाकात कब होगी या इस संबंध में कोई औपचारिक कार्यक्रम तय हुआ है या नहीं।

उन्होंने सरकार पर मंत्रियों को जवाबदेह ठहराने के बजाय उन्हें बचाने का भी आरोप लगाया। यह आरोप कांग्रेस सांसद के बयान का हिस्सा है। स्रोत सामग्री में सरकार या संबंधित मंत्रियों की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

निष्कर्ष

कुमारी सैलजा ने उत्तराखंड सरकार के कामकाज, सरकारी जमीन के इस्तेमाल, शिक्षण संस्थानों के लिए भूमि और सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्यों की कमी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इन मुद्दों को राज्यपाल के सामने रखने की बात कही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. कुमारी सैलजा ने ये आरोप कहां लगाए?

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने दिल्ली में यह बयान दिया।

Q. उन्होंने किस सरकार पर सवाल उठाए?

उन्होंने पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार पर सवाल उठाए।

Q. सरकारी जमीन को लेकर सैलजा ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन UIIDB को हस्तांतरित की गई है और निजी पक्षों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।

Q. शिक्षण संस्थानों से जुड़ी उनकी शिकायत क्या है?

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित लॉ यूनिवर्सिटी और अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है।

Q. सरकारी स्कूलों को लेकर उन्होंने क्या मुद्दा उठाया?

सैलजा ने सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्यों की गंभीर कमी का दावा किया।

Q. कांग्रेस आगे क्या करेगी?

सैलजा ने कहा कि कांग्रेस इन चिंताओं को राज्यपाल के सामने उठाएगी।

Q. क्या सरकार या मंत्रियों की प्रतिक्रिया सामने आई है?

उपलब्ध स्रोत सामग्री में सरकार या संबंधित मंत्रियों की प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।